नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फैसला लिया है कि वह तब तक सदन में नहीं आएंगे, जब तक उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता। विपक्ष की ओर से उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। इस पर नौ मार्च को चर्चा की संभावना है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नैतिक आधार पर फैसला किया है कि वह अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के निपटारे तक सदन में नहीं जाएंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उनका यह कदम कांग्रेस की ओर से आज उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद आया। लोकसभा अध्यक्ष ने सदन के सचिव को निर्देश दिया कि वह उनके खिलाफ अविश्वास नोटिस की समीक्षा करें और उपयुक्त कार्रवाई करें।
वहीं, भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि (लोकसभा में विपक्ष के नेता) राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। पात्रा ने कांग्रेस पर तमिलनाडु के जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की योजना का आरोप भी लगाया।
काग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि आज दोपहर 1:14 बजे उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। सूत्रों के अनुसार, कुल 118 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। सूत्रों ने कहा कि विपक्ष के सांसदों ने आरोप लगाया कि लोकसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट तौर पर पक्षपाती व्यवहार किया और विपक्ष के नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं दी।
