नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने असम के गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच पानी के नीचे भारत की पहली सड़क सह रेल सुरंग के निर्माण को मंजूरी दे दी।
ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनाई जाने वाली यह सुरंग भारत की पहली और दुनिया की दूसरी सड़क-रेल सुरंग होगी। 34 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 18,662 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि नदी के नीचे भारत की पहली सुरंग कोलकाता में हुगली के नीचे बनाई गई है और अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए पहली समुद्री सुरंग पर काम जारी है।
हुगली नदी के नीचे बनी सुरंग मेट्रो संचालन के लिए है, जबकि प्रस्तावित गोहपुर-नुमालीगढ़ सुरंग में रेल और सड़क परिवहन दोनों साथ-साथ संचालित होंगे। केंद्र सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है कि इस परियोजना से असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को काफी लाभ होगा।
इससे माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी, रसद लागत कम होगी और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह परियोजना पूरे असम में प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और रसद केंद्रों को निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी।
