नई दिल्ली: कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी किया है, जिसमें सोमवार से तीन दिनों के लिए सदन में उनकी उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बहस होनी है। राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े इन दो मुद्दों पर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी दलों द्वारा लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा के दौरान अपने शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारने की उम्मीद है। (एनडीए) और विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता लोकसभा और राज्यसभा में इस बहस के दौरान अपनी बात रखेंगे। कांग्रेस ने व्हिप कर अपने सभी सांसदों को सोवार से तीन दिनों तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
पीएम मोदी के भी चर्चा में शामिल होने की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, इस चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर संबोधित कर सकते हैं। इसके अलावा, यह भी संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं हस्तक्षेप कर सरकार की आतंकवाद के खिलाफ ‘सख्त रुख’ को सदन में स्पष्ट करें। एसआईआर और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण लगभग ठप रहा था। इसके बाद 25 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि विपक्ष ने सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की सहमति दी है। दोनों पक्षों ने प्रत्येक सदन में 16 घंटे की लंबी बहस पर सहमति जताई है, जो आमतौर पर वास्तविकता में और भी अधिक समय तक खिंचती है।
