Site icon UK NEWS MIRROR

केंद्रीय कर्मचारी 30 नवंबर तक चुन सकते हैं यूपीएस का विकल्प, वित्त मंत्रालय ने बढ़ाई समय सीमा

नई दिल्ली: एनपीएस के अंतर्गत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों की ओर से मिली ठंडी प्रतिक्रिया के बाद वित्त मंत्रालय ने एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) चुनने की समय सीमा 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। पहले यह 30 सितंबर थी। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन को वित्त मंत्रालय ने यह सूचना दी है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन को भेजी सूचना में कहा कि कर्मचारियों के लिए यूपीएस का विकल्प चुनने की समयसीमा को दो महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। विभाग ने कहा कि यूपीएस में हाल ही में कई सकारात्मक बदलाव किए गए हैं जिनमें स्विच विकल्प, इस्तीफा या अनिवार्य सेवा निवृत्ति पर लाभ एवं कर छूट शामिल हैं। इसे देखते हुए संबंधित पक्षों ने कर्मचारियों को निर्णय लेने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी।
विभाग ने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए यूपीएस का विकल्प चुनने की समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया गया है। यह निर्णय वित्त मंत्री की मंजूरी के बाद लिया गया है। मंत्रालय ने पीएफआरडीए से अनुरोध किया है कि इस बदलाव को लागू करने के लिए अपनी प्रणाली और नियमों में जरूरी संशोधन करें।
सरकार ने एक अप्रैल, 2025 से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूपीएस को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के एक विकल्प के रूप में पेश किया हुआ है। यूपीएस के तहत कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन लाभ मिलेगा। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के उलट यह योजना योगदान पर आधारित है, जिसमें कर्मचारी को अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत देना होगा जबकि सरकार 18.5 प्रतिशत योगदान देगी। छह महीने के भीतर करीब एक लाख केंद्रीय कर्मचारियों ने ही यूपीएस का विकल्प चुना है, जबकि इसके लिए कुल पात्र कर्मचारियों की संख्या 23 लाख है।
यूपीएस के तहत हाल ही में कई सकारात्मक बदलावों की घोषणा की गई है। इनमें स्विच विकल्प, इस्तीफे पर लाभ, अनिवार्य सेवानिवृत्ति, कर छूट व अन्य शामिल हैं। विभिन्न हितधारकों से इन बदलावों को लागू करने के लिए समय बढ़ाने की मांग की गई थी। 20 जुलाई तक केंद्र सरकार के लगभग 31,555 कर्मचारियों ने यूपीएस का विकल्प चुना था। 30 सितंबर की समय सीमा तक 23 लाख सरकारी कर्मचारियों में से लगभग एक लाख ने यूपीएस का विकल्प चुना है।

Exit mobile version