दिल्ली एक बार फिर सर्दियों के उस परेशान करने वाले चरण में प्रवेश कर गई है जहां आसमान पर घना धुआं छा जाता है। पड़ोसी राज्यों में फसल अवशेष जलाने, वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन, उद्योगों और सड़क की धूल के कारण प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ गया है। यह घटना अब लगभग एक मौसमी दिनचर्या बन गई है। लगभग एक दशक पहले, चीन की राजधानी बीजिंग भी ऐसी ही जहरीली हवा के लिए विश्व स्तर पर बदनाम थी और अक्सर इसे दुनिया की स्मॉग राजधानी कहा जाता था। उस समय के सैटेलाइट डेटा ने बीजिंग में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का स्तर बहुत अधिक दिखाया था, जिसके कारण गंभीर श्वसन संबंधी विकार और समय से पहले मौतें हुईं।
