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छत्तीसगढ़ में 14 माओवादी ढेर, 75 लाख के इनामी देवा का 21 साथियों के साथ समर्पण

सुकमा। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ शनिवार की सुबह से शाम तक चली मुठभेड़ में 14 माओवादी मारे गए। इसके लिए सुरक्षा बलों ने 15 किलोमीटर सर्कल में घेराबंदी की थी। मार्च 2026 तक माओवादी हिंसा के समूल उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षाबल की यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। सुरक्षा बलों ने बीजापुर में दो और सुकमा जिले में 12 माओवादियों को मार गिराया। इन पर कुल 70 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सर्च अभियान में 14 माओवादियों के शवों के साथ-साथ अत्याधुनिक हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए गए। इनमें एके-47, इंसास और एसएलआर राइफल शामिल हैं।
बीजापुर में मारे गए माओवादियों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था। वहीं, सुकमा में मारे गए माओवादियों में आठ लाख का इनामी कोंटा एरिया कमेटी सचिव और पांच-पांच लाख के इनामी शामिल हैं। मालूम हो कि केंद्र और राज्य सरकार ने मार्च 2026 तक माओवादी हिंसा के उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। वर्ष 2025 में लगभग 500 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए थे, जबकि इस अवधि में करीब 2,500 माओवादी समर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
75 लाख के इनामी देवा के समर्पण के साथ, ‘पीएलजीए युग’ का अंत
छत्तीसगढ़ के बस्तर से तेलंगाना तक फैले माओवादी नेटवर्क में सबसे महत्वपूर्ण सैन्य संगठन पीएलजीए (पीपुल्स लिब्रेशन गुरिल्ला आर्मी) बटालियन नंबर-एक के प्रमुख 75 लाख रुपये के इनामी बारसे देवा उर्फ सुक्का और तेलंगाना राज्य समिति के वरिष्ठ सदस्य ने शनिवार को हैदराबाद में समर्पण कर दिया।
इन्होंने 20 भूमिगत कैडरों के साथ 20 लाख रुपये, 48 घातक हथियारों और 2206 राउंड गोला-बारूद के साथ पुलिस के समक्ष मुख्यधारा में लौटने की राह चुनी। सभी पर 1.81 करोड़ का इनाम घोषित था। पुलिस मुठभेड़ में हिड़मा के मारे जाने और अब बारसे देवा के समर्पण से ‘पीएलजीए युग’ का अंत हो गया है। बस्तर के आइजीपी सुंदरराज पी. के अनुसार, यह घटनाक्रम अबूझमाड़, दक्षिण बस्तर और तेलंगाना सीमा क्षेत्रों में स्थायी शांति की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित होगा।
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की पुलिस ने चक्रधरपुर के तेताई गांव में छापेमारी कर शनिवार की सुबह दो माओवादी समर्थकों को गिरफ्तार किया है। दोनों लंबे समय से माओवादी संगठन को राशन, ईंधन आदि सामान की आपूर्ति करने में संलिप्त थे। उनके पास से आइईडी ब्लास्ट से संबंधित तार व अन्य सामग्री की भी बरामदगी हुई है। बहरहाल, पुलिस गिरफ्तार माओवादी समर्थकों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।

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