नई दिल्ली। ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के लिए बने विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) में पूर्व के मनरेगा कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दी है।
वीबी-जी राम जी स्कीम से संबंधित अधिनियम के प्रस्ताव को संसद ने शीत सत्र में मंजूरी दी है और जल्द ही इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही यह स्कीम अधिनियम का रूप ले लेगी।
मनरेगा जॉब कार्ड नई जी राम जी स्कीम में मान्य होंगे
इसके बाद केंद्र सरकार उससे जुड़े नियमों की अधिसूचना जारी करेगी और यह स्कीम आगामी वित्त वर्ष में लागू होने की कोशिश होगी। अधिनियम लागू होने की अधिसूचना जारी होने के छह महीने के भीतर राज्य उसे लागू करने के लिए प्रक्रिया पूरी करेंगे।
ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिकों के लिए महात्मा गांधी नेशनल रूरल इंप्लायमेंट गारंटी (मनरेगा) स्कीम में जारी हुए जाब कार्ड ही नई स्कीम में काम आएंगे।
मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार मनरेगा के करीब 75 प्रतिशत जाब कार्ड का सत्यापन हो चुका है। इसलिए उन्हें नई स्कीम में इस्तेमाल करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। केंद्र सरकार का कहना है कि नई स्कीम से ग्रामीण क्षेत्र को समृद्ध बनाने में मदद मिलेगी जिससे विकसित भारत का सपना साकार होगा। नई स्कीम में श्रमिकों को 125 दिन काम की गारंटी होगी जबकि मनरेगा में केवल 100 दिन काम की गारंटी थी। सरकार को उम्मीद है कि श्रमिकों को 125 दिन से ज्यादा काम मिलेगा जिससे उनकी माली हालत बेहतर होगी।