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टोल वसूली में गड़बड़ी पर एनएचएआई की सख्ती, 14 एजेंसियों पर लगा प्रतिबंध, STF ने किया धोखाधड़ी का खुलासा

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने टोल वसूली में गड़बड़ियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 14 टोल संग्रह एजेंसियों को प्रतिबंधित कर दिया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा धोखाधड़ी का पता लगाने के बाद की गई जांच के बाद यह कदम उठाया गया है। एनएचएआई ने अनियमितताओं में शामिल एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, एफआईआर के आधार पर 13 एजेंसियों को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, साल 2024 में 12.55 लाख मामलों में गलत तरीके से वसूला गया टोल रिफंड किया गया। इसके अलावा, गलत टोल वसूली करने वाली एजेंसियों पर अब तक 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है।
बयान के अनुसार, एनएचएआई द्वारा प्रतिबंधित 14 एजेंसियों में एके कंस्ट्रक्शन, आलोक बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, अनिल कुमार शुक्ला, आशीष अग्रवाल, इनोविजन लिमिटेड, एमबी कंस्ट्रक्शन, मां नर्मदा ट्रेडर्स, आरके जैन इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, एसपीसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, टी सूर्यनारायण रेड्डी, वंशिका कंस्ट्रक्शन, वेस्टवेल आयरन एंड स्टील प्राइवेट लिमिटेड, भोला नाथ राजपति शुक्ला और शिवा बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
कई बार वाहन चालकों से टोल तब भी वसूल लिया जाता है, जब उन्होंने हाईवे या एक्सप्रेसवे पर सफर ही नहीं किया होता। यह समस्या तब आती है जब यूजर फीस-संग्रह करने वाली एजेंसियां मैन्युअल रूप से VRN-आधारित लेनदेन बनाते समय सिस्टम में गलत वाहन पंजीकरण संख्या (VRN) दर्ज करती हैं। इसके अलावा, फास्टैग रीडर द्वारा एक ही टैग को कई बार स्कैन करने से डबल चार्जिंग की समस्या भी सामने आती है।

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