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डिजिटल बदलाव से पारंपरिक मीडिया बचाने की तैयारी, विज्ञापन दरों में बदलाव कर नई रणनीति बना रही सरकार

नई दिल्ली। सरकार ने तेजी से डिजिटल बदलाव के कारण पारंपरिक मीडिया को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कई कदम उठाने की योजना बनाई है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि सरकार रेडियो उद्योग में नियामक अड़चनों को हटाने और टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट (टीआरपी) में सुधारों पर काम कर रही है। मंत्री ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा, हर जगह जहां नियामक बाधाएं हैं, सरकार उन्हें हटाने का प्रयास कर रही है।
वैष्णव ने कहा कि मंत्रालय टीवी रेटिंग प्रणाली को बेहतर बनाने के तरीकों का पता लगा रहा है, ताकि सरकार के विज्ञापनों से टेलीविजन चैनलों का निष्पक्ष राजस्व सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि टीआरपी के दिशानिर्देश तैयार किए जा रहे हैं। पहला परामर्श पूरा हो चुका है, फीडबैक मिला है और जल्द ही दूसरा परामर्श पत्र प्रकाशित किया जाएगा। सरकार प्रिंट और टेलीविजन मीडिया के लिए विज्ञापन दरें बढ़ाने पर भी विचार कर रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार समाचार पत्रों के पंजीयक (आरएनआई), केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के एकीकरण पर काम कर रही है, ताकि मीडिया आउटरीच और नियामक कार्यों में तालमेल बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि पीआईबी ने अपने आउटरीच प्रयासों को तेज किया है और नियमित रूप से महत्वपूर्ण विषयों पर पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) और शोध आधारित दस्तावेज जारी कर रहा है। मंत्री ने यह भी बताया कि वीडियो और ऑनलाइन सामग्री की प्रामाणिकता सत्यापित करने के लिए फैक्ट-चेकिंग चैटबोट विकसित किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रिंट मीडिया के लिए सरकार ने सरकारी विज्ञापन दरों में 26 फीसदी वृद्धि करने का फैसला किया है और इसके लिए 15 नवंबर के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी।

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