तेजस फाइटर विमान क्रैश, तकनीकी खराबी के चलते लैंडिंग के दौरान घटना; पायलट सुरक्षित

नई दिल्ली: फ्रंटलाइन एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान रनवे से आगे निकल गया, जिससे उसके एयरफ्रेम को गंभीर नुकसान पहुंचा। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह रही कि पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर खुद को सुरक्षित बचा लिया।
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से सामने आई जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना (IAF) का एक तेजस हल्का लड़ाकू विमान 7 फरवरी को एक फ्रंटलाइन एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान रनवे से आगे निकल गया। प्रारंभिक आशंका ब्रेक फेल होने की जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, विमान के एयरफ्रेम को गंभीर क्षति पहुंची, हालांकि पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली। बताया जा रहा है कि विमान प्रशिक्षण उड़ान पूरी कर बेस पर लौट रहा था। इस घटना पर अब तक वायुसेना की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
घटना के बाद एहतियातन वायुसेना ने लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस विमानों को व्यापक तकनीकी जांच के लिए अस्थायी रूप से ग्राउंडेड कर दिया है। विशेषज्ञ टीमें ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं। यह तेजस विमान से जुड़ी तीसरी दुर्घटना है। इससे पहले मार्च 2024 में जैसलमेर के पास एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वहीं नवंबर 2025 में दुबई एयर शो के दौरान भी एक तेजस विमान हादसे का शिकार हुआ था।
यह ताजा हादसा ऐसे समय हुआ है जब तेजस बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पहले से ही तेजस Mk-1A की आपूर्ति में देरी को लेकर दबाव में है। फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ 83 तेजस Mk-1A विमानों की खरीद के लिए 48,000 करोड़ रुपये का करार किया था। इसके बाद सितंबर 2025 में 97 और तेजस Mk-1A विमानों की खरीद के लिए 62,370 करोड़ रुपये का दूसरा समझौता हुआ। डिलीवरी में देरी का मुख्य कारण अमेरिकी कंपनी द्वारा इंजन आपूर्ति में समयसीमा का पालन न करना बताया जा रहा है।

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