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दिल्ली के विकास के लिए 1000 करोड़ की योजनाएं पास, व्यापारियों को लौटाए 915 करोड़

नई दिल्ली: दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार के बने हुए एक वर्ष भी नहीं बीता है, लेकिन इसी बीच सरकार मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं पास कर चुकी है। यह राशि सड़कों को ठीक करने से लेकर गलियों-कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट ठीक करने से लेकर विभिन्न योजनाओं में खर्च की गई हैं। सरकार ने इसे जनता के हितों के लिए उठाया गया बड़ा कदम बताया है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार ‘इज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ (व्यापार में सुगमता) को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए व्यापारियों को लाइसेंसिंग व्यवस्था में बड़ी राहत दी गई है। किसी काम के लिए अब उन्हें महीनों का इंतजार नहीं करना पड़ता, बल्कि चंद दिनों में सिंगल विंडो सिस्टम से उन्हें हर तरह की क्लीयरेंस दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को सुविधाएंं उपलब्ध कराना सरकार अपनी जिम्मेदारी समझती है क्योंकि उद्यमी केवल व्यापार नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे लोगों को रोजगार उपलब्ध कराकर देश के विकास में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
व्यापारियों के लिए सरकार ने पहला ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से उद्योग और व्यापार जगत की समस्याओं को दूर किया जा रहा है। ग्रीन कैटेगरी के उद्योगों के लिए प्रस्ताव स्वीकार करने का समय 120 दिन से घटाकर 20 दिन कर दिया गया है। सरकार ने सस्ता कर्ज देकर व्यापारियों को बढ़ावा देने का काम किया है। जीएसटी विभाग को फेसलेस संचालन और रिफंड प्रक्रिया को तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके परिणाम-स्वरूप पिछले चार महीनों में दिल्ली के व्यापारियों को 915 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड किया गया है।

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