Site icon UK NEWS MIRROR

दिल्ली-NCR में बेकाबू होता प्रदूषण: जहरीली हवा में सांस लेना हुआ मुश्किल, नोएडा की वायु सबसे प्रदूषित

नई दिल्ली: राजधानी में हवा की दिशा बदलने और गति कम होने के चलते वायु प्रदूषण में एक बार फिर से बढ़ोतरी हुई है। बीते दिनों में लगातार घटता जा रहा प्रदूषण फिर से बढ़ते क्रम की दिशा पर चल पड़ा है। गुरुवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में स्मॉग की चादर भी दिखाई दी। इसके चलते दृश्यता भी कम रही। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 377 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें बुधवार की तुलना में 50 सूचकांक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 381 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 381, गाजियाबाद में 358 और गुरुग्राम में 317 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 203 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 19.538 फीसदी रहा। इसके अलावा पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण 0.729, निर्माण गतिविधियों से 2.874, पेरिफेरल उद्योग से 5.16 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 5.235 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बृहस्पतिवार को हवा उत्तर से उत्तर पश्चिम दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 1000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा।
दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 351.1 और पीएम2.5 की मात्रा 200.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि रविवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा गंभीर और बेहद खराब दर्ज की गई।

Exit mobile version