देश से खत्म होगा एलपीजी संकट, युद्धविराम के बाद भारतीय ध्वज वाला पहला जहाज होर्मुज से गुजरा

नई दिल्ली। भारतीय झंडे वाले एक और एलपीजी गैस टैंकर ‘जग विक्रम’ ने होर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया है। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम की घोषणा के बाद से होर्मुज से गुजरने वाला यह पहला जहाज है।
मरीज जहाज ट्रै¨कग डाटा के अनुसार, यह टैंकर शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरा और शनिवार दोपहर को ओमान की खाड़ी में पहुंच गया है और भारत की ओर बढ़ रहा है।
‘जग विक्रम’ मार्च की शुरुआत से लेकर अब तक फारसी खाड़ी से बाहर निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज है। 15 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट में अभी फंसे हैं। भारत के लिए कार्गों कई विदेशी झंडे वाले जहाज भी वहां फंसे फंसे हुए हैं।
डाटा के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में 34 एलपीजी गैस टैंकर और 19 एलएनजी गैस टैंकरों समेत सैकड़ों जहाज अभी भी मौजूद हैं। मुंबई स्थित ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी के स्वामित्व वाला ‘जग विक्रम’ लगभग 20,000 टन एलपीजी ला रहा है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा और चौथा सबसे बड़ा गैस उपभोक्ता है और अपने कच्चे तेल का लगभग 88 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस की जरूरतों का लगभग 50 प्रतिशत और एलपीजी का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। कच्चे तेल के आयात का आधे से अधिक, गैस का लगभग 40 प्रतिशत और एलपीजी का 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों से आता है और यह होर्मुज स्ट्रेट के जरिये गुजरता है। पश्चिम एशिया जंग के चलते यह मुख्य वैश्विक ऊर्जा गलियारा लगभग बंद था।

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