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नहीं खुलेगा होर्मुज: ईरान की डील वाले दावे को अमेरिका ने बताया फर्जी, कहा- ये सब मनगढ़ंत

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बात बनती दिख रही है। इसकी संभावना है कि जल्द ही दोनों देशों के बीच समझौता हो सकता है, क्योंकि उनके बीच मसौदे पर सहमति बनने का दावा किया जा रहा है। इसमें ईरान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और अमेरिका द्वारा नाकेबंदी हटाने की बात है। रायटर्स के अनुसार, ईरान के सरकारी टीवी ने बुधवार को बताया कि युद्ध समाप्त करने के लिए तेहरान को अमेरिका की तरफ से समझौते के लिए एक अनौपचारिक प्रारंभिक मसौदा मिला है। इसमें ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल देगा और पहले की तरह कॉमर्शियल शिपिंग की आवाजाही होगी। जबकि अमेरिका उसके निकटवर्ती क्षेत्र से अपने सैन्य बलों को वापस बुला लेगा और समुद्री नाकेबंदी को खत्म कर देगा।

ईरानी टीवी के अनुसार, सैन्य जहाजों को बाहर रखा गया है। जबकि ईरान और ओमान संयुक्त रूप से होर्मुज से जहाजों की आवाजाही का प्रबंधन करेंगे। मसौदे को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया और तेहरान ठोस सत्यापन के बिना कोई कदम नहीं उठाएगा। इसमें यह बात भी है कि अगर 60 दिनों के अंदर समझौता किया जाता है तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के तौर पर मंजूरी मिल सकती है।व्हाइट हाउस ने एक्स पर लिखा, “ईरानी नियंत्रित मीडिया की यह रिपोर्ट सच नहीं है और उनके द्वारा जारी किया गया समझौता ज्ञापन पूरी तरह से मनगढ़ंत है। किसी को भी ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा फैलाई जा रही बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। तथ्य मायने रखते हैं।न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, इजरायल की तरफ से लेबनान में किए गए नए हमले से अमेरिका-ईरान की शांति वार्ता जटिल हो सकती है। इजरायल ने बुधवार को दक्षिण लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर बमबारी की। इजरायल ने एक दिन पहले भी हमले किए थे। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि इजरायली हमले में बच्चों समेत 31 लोग मारे गए। इजरायल ने लेबनान में ऐसे समय हमले तेज किए हैं, जब अमेरिका-ईरान शांति समझौते के करीब पहुंच रहे हैं। एपी के अनुसार, ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका के आधुनिक हथियारों का भंडार काफी खाली हो गया है। उसने ईरान युद्ध में तीन हथियार प्रणालियों टामहाक क्रूज मिसाइल, पैट्रियट और थाड इंटरसेप्टर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। उसे इन हथियारों के भंडार को फिर से भरने में कम से कम तीन साल लगेंगे। थिंक टैंक सेंटर फार स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि इस महीने की शुरुआत में होर्मुज में एचएमएम नामक एक स्थानीय शिप पर हुए हमले में ईरानी मिसाइल शामिल हो सकती है। जबकि दक्षिण कोरिया में ईरान के राजदूत सईद कूजेसी ने दक्षिण कोरियाई शिप पर हमले में ईरान की भूमिका से इनकार किया है।

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