काठमांडू। नेपाल में जेन-जेड समूह के नेतृत्व में दो दिन चले सरकार विरोधी हिंसक आंदोलन में 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 600 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पुलिस और अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन की इमारत के सामने विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 19 लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश युवक शामिल थे। नेपाल पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि काठमांडू के कोटेश्वर इलाके में मंगलवार को भीड़ के हमले में तीन पुलिस कर्मी भी मारे गए। इसके अलावा, कालीमाटी थाने में पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में तीन प्रदर्शनकारी मारे गए। गृहमंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान कुल 633 लोग घायल हुए हैं।
इस दौरान नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी व विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा भी प्रदर्शनकारियों के हमले में घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने उनके बुद्धनीलकंठ स्थित निवास में उन पर हमला किया। उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
वहीं, नेपाल की सेना ने बुधवार को विरोध प्रदर्शनों की आड़ में संभावित हिंसा को रोकने के लिए देशव्यापी प्रतिबंधात्मक आदेश और कर्फ्यू लागू कर दिए। यह कदम बड़े पैमाने पर सरकारी विरोधी प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के एक दिन बाद उठाया गया है।
नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद भी राजनीतिक संकट गहराया हुआ है। भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक होने के बाद से नेपाल में कई भारतीय फंसे हुए हैं। इन सबके बीच भारत के कई राज्य अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास कर रहे हैं।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने काठमांडू हवाई अड्डे पर फंसे 30 कन्नड़ भाषी लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि लगभग 200 तेलुगू लोग फंसे हुए हैं और उनकी सरकार ने नई दिल्ली के आंध्र भवन में एक आपातकालीन सेल स्थापित की है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भारतीय दूतावास से संपर्क कर हालात का जायजा लिया है। दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के पर्यटक दो दिन में वापस लाए जाएंगे। और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी वहां फंसे लोगों को वापस लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। तेलंगाना सरकार ने दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन में हेल्पलाइन शुरू की है। भारत के विदेश मंत्रालय ने सहायता के लिए आपातकालीन नंबर भी साझा किए हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से +977-980 860 2881 (व्हाट्सएप कॉल भी) और +977-981 032 6134 (व्हाट्सएप कॉल भी) पर संपर्क किया जा सकता है।
