नेशन फर्स्ट की भावना को बढ़ावा, राष्ट्रपति मुर्मू ने युवाओं से की मेड इन इंडिया अपनाने की अपील

नई दिल्ली।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को युवाओं से आह्वान किया कि वे ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाना हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकता है। राष्ट्रपति मुर्मू अहमदाबाद के आश्रम रोड स्थित गुजरात विद्यापीठ के 71वें दीक्षांत समारोह में पहुंचीं थीं। यह विश्वविद्यालय महात्मा गांधी द्वारा स्थापित किया गया था।
समारोह में 713 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। राष्ट्रपति ने बताया कि महात्मा गांधी स्वयं 1920 से 1948 तक इस विद्यापीठ के कुलाधिपति रहे। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को अग्रणी बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा, “भारत को आत्मनिर्भर बनाना हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकता है। आप सभी को ‘स्वदेशी’ अभियान में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से मेड इन इंडिया उत्पादों को प्रोत्साहित करना चाहिए।”
उन्होंने विद्यापीठ के आदर्श वाक्य ‘सत्येना विमुक्तिः’ (ज्ञान ही हमें मुक्त करता है) का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार पाना नहीं होना चाहिए। शिक्षा एक आजीवन प्रक्रिया है। व्यक्तित्व विकास, समाज की प्रगति और देशहित के लिए आपको ज्ञान प्राप्त करते रहना चाहिए।
राष्ट्रपति ने छात्रों से कहा कि समाज और देश भी उनकी शिक्षा में योगदान देते हैं, इसलिए उन्हें समाजसेवा के माध्यम से इस ऋण को चुकाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि छात्र समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करेंगे।
मुर्मू ने गुजरात और यहां के लोगों की उद्यमशीलता की भावना की सराहना की। उन्होंने कहा, “गुजरात हमेशा आत्मरोजगार के लिए जाना जाता रहा है। यहां के उद्यमियों ने न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। बड़ी संख्या में गुजराती प्रवासी भारतीयों में सफल हैं। आप सभी को उसी वैश्विक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि गुजरात में आत्मरोजगार और आत्मनिर्भरता की संस्कृति पूरे देश में फैलनी चाहिए। मुझे विश्वास है कि गुजरात विद्यापीठ के सभी छात्र इस संस्कृति के वाहक बनेंगे। इस कार्यक्रम के साथ राष्ट्रपति मुर्मू ने राज्य के अपने तीन दिवसीय दौरे का समापन किया। इससे पहले शनिवार सुबह उन्होंने द्वारका के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना की। शुक्रवार को उन्होंने गिर राष्ट्रीय उद्यान में शेर सफारी का आनंद लिया और सासन में सिद्धी जनजाति समुदाय से बातचीत की। उससे पहले उन्होंने गिर सोमनाथ जिले में भगवान शिव को समर्पित प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में दर्शन किए थे।

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