नैनीताल। जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में मतपत्र की गोपनीयता भंग किए जाने के मामले में वीडियोग्राफर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। तल्लीताल थाने में जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई। एक अज्ञात व्यक्ति पर भी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
14 अगस्त को जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में मतदान दिन सदस्यों का अपहरण होने के बात पर हंगामा मचा हुआ है। मामले में तल्लीताल थाने में अब तक 6 मुकदमे दर्ज किए जाने के साथ ही एक आरोपी की गिरफ्तारी भी की गई है। यह मामला हाई कोर्ट भी पहुंचा और तभी मतपत्र से छेड़छाड़ करने के आरोप भी लगे।
इस मामले में कोर्ट के निर्देशों पर अधिवक्ताओं के कमेटी ने मतपत्रों की गिनती समेत अन्य प्रक्रिया की वीडियों रिकार्डिंग की जांच भी की। जांच में मतपत्र पर किसी तरह की छेड़छाड़ के साक्ष्य नहीं मिले। हालांकि, इसी बीच सोशल और डिजिटल मीडिया में मतपत्र का फोटो वायरल होने लगा। जिससे चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे।
जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार बेनी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तल्लीताल थाने में तहरीर दी। जिसमें कहा गया कि चुनाव प्रक्रिया की वीडियों रिकार्डिंग के लिए मैमर्स 3 जी इलीट ग्रुप जयदेवपुर आरटीओ रोड हल्द्वानी को अधिकृत किया गया था। 14 व 15 अगस्त को प्रतिष्ठान की ओर से वीडियोग्राफी के लिए संजय सोनकर को भेजा गया था। संजय सोनकर ने निर्वाचन प्रक्रिया में प्रयुक्त मतपत्र का अवैध रूप से फोटो रिकार्ड कर अन्य व्यक्ति को साझा किया। मतपत्र को इंटरनेट के माध्यमों से वायरल कर अपराधिक कृत्य किया गया है। वायरल हो रहा मतपत्र वीडियोग्राफर की रिकार्डिंग का ही अंश है। एसपी जगदीश चंद्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर संजय सोनकर व एक अज्ञात के विरुद्ध बीएनएस की धारा 174, 223, 61(2), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66ई, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
