नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल (विशेष प्रकोष्ठ) ने ‘पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया’ को नोटिस जारी कर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक को सोशल मीडिया पर उपलब्ध कराने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख की पुस्तक को लेकर दर्ज मामले में और सीक्रेट एक्ट व कॉपी राइट की धाराएं भी जोड़ी हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस की एक टीम बुधवार को गुरुग्राम में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के ऑफिस में पहुंची और करीब ढाई घंटे तक जांच पड़ताल की। टीम वहां से कुछ कागजात भी अपने साथ लाई है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया, जब पुस्तक की स्थिति और अनधिकृत संस्करणों के कथित अवैध प्रसार के विरोध में दावे किए जा रहे हैं, जिससे प्रकाशक, पूर्व सेना प्रमुख और वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां एक व्यापक सार्वजनिक विवाद में शामिल हो गई हैं। पुलिस के अनुसार विशेष प्रकोष्ठ ने नोटिस के माध्यम से प्रकाशक से औपचारिक रूप से संपर्क कर कई सवाल पूछे हैं और उनके विस्तृत जवाब मांगे हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने ‘पेंगुइन इंडिया’ को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के माध्यम से कई सवाल पूछे गए हैं और उनके जवाब मांगे गए हैं। यह कदम उन रिपोर्ट के मद्देनजर उठाया गया है जिनमें दावा किया गया है कि नरवणे के संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ की पांडुलिपि प्रकाशन से पहले डिजिटल और अन्य प्रारूपों में अवैध रूप से संभवत प्रसारित की गई। पुलिस ने बताया कि पांडुलिपि के अनधिकृत प्रसार के संबंध में लगे आरोपों के कारण प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।
दिल्ली पुलिस ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की कथित अप्रकाशित किताब (फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी) के ऑनलाइन लीक और अनधिकृत सर्कुलेशन को लेकर दर्ज मामले में ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट और कॉपीराइट अधिनियम की धाराएं जोड़ दी हैं। पुलिस ने यह कदम तब उठाया जब बिना जरूरी मंजूरी के किताब के अंश सोशल मीडिया पर साझा किए गए। इस संबंध में दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है कि संवेदनशील पांडुलिपि कैसे सार्वजनिक हुई।