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पीएम नरेंद्र मोदी का चार दलों पर निशाना

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की माताओं-बहनों से माफी मांगी। उन्होंने कहा, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों का क्षमाप्रार्थी हूं। हमारे लिए देश हित सर्वोपरि है, लेकिन कुछ लोगों के लिए जब दल हित देश हित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति और देश को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है।’ उन्होंने चार दलों- कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा पर विशेषकर निशाना साधा। इसी के साथ द्रमुक को आड़े हाथ लेते हुए तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पश्चिम बंगाल का जिक्र किया। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को और बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है। कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। देश की नारी शक्ति देख रही थी। मुझे भी यह देखकर दुख हुआ कि जब नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं के अधिकार छीनकर ये लोग मेज थपथपा रहे थे?’
उन्होंने कहा, ‘उन्होंने जो किया, वह नारी के स्वाभिमान और आत्मसम्मान पर चोट थी और नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के व्यवहार को लेकर कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी।’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि राज्य छोटा हो, बड़ा हो, राज्य की आबादी कम हो, ज्यादा हो। सबकी समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी, लेकिन इस ईमानदार प्रयास की, कांग्रेस और उसके साथियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है। ये कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, डीएमके जैसे दल इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं। ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस महिला शक्ति से ही नफरत करती है। वह हमेशा से ही महिला सशक्तीकरण को रोकने के षड्यंत्र रचती रही है। हर बार कांग्रेस ने इसमें रोड़े अटकाएं हैं। इस बार भी कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला आरक्षण को रोकने के लिए एक के बाद एक नए झूठ का सहारा लिया। कभी संख्या को लेकर, कभी किसी और तरीके से। कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह करने की कोशिश की।

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