वारसॉ। पोलैंड ने ड्रोन हमलों की आशंका के चलते यूक्रेन की सीमा के पास अपने वायु क्षेत्र में लड़ाकू विमानों की तैनाती की है। बुधवार को रूसी ड्रोन पोलैंड में घुस आए थे, जिससे नाटो को प्रतिक्रिया में लड़ाकू विमान भेजने पड़े। पोलैंड ने इसे सुरक्षा के लिहाज से एहतियाती कदम बताया है, जबकि रूस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
पोलैंड ने अपने वायु क्षेत्र में हमलों को रोकने के लिए लड़ाकू विमानों की तैनाती की है, क्योंकि पास की यूक्रेन की सीमा से कुछ रूसी ड्रोन देश में घुस आए थे। रूसी हमलों की आशंका के कारण पूर्वी शहर लुबलिन के हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि चेतावनी तब जारी की गई, जब बुधवार को कई रूसी ड्रोन पोलैंड में दाखिल हुए, जिसके बाद नाटो ने लड़ाकू विमान भेजे ताकि उन ड्रोन को नीचे गिराया जा सके। इससे तीन साल से जारी युद्ध के आगे बढ़ने की चिंताएं फिर उभरने लगी हैं।
पोलिश सेना ने बताया कि जमीन-आधारित वायु रक्षा और टोही प्रणालियां उच्च सतर्कता पर हैं। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई ‘रोकथाम के उद्देश्य से’ की जा रही है, ताकि पोलैंड का हवाई क्षेत्र सुरक्षित रहे और नागरिकों की रक्षा हो सके। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने भी एक्स पर लिखा कि रूस की ओर से यूक्रेन के पास के इलाकों से ड्रोन गतिविधियों की वजह से पोलिश वायु क्षेत्र में ‘रोकथाम लुबलिन हवाई अड्डे पर सैन्य विमानन गतिविधियों के कारण हवाई यातायात पर रोक लगाई गई है। हवाई अड्डे प्रवक्ता पीओत्र यानोवस्की ने बताया कि हवाई क्षेत्र शाम छह बजे (स्थानीय समयानुसार) तक बंद रहेगा, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि हवाई क्षेत्र यातायात कितने समय तक बंद रहेगा।
वहीं, रूस ने कहा कि उसने बुधवार को पोलैंड को निशाना नहीं बनाया था और उसके सहयोगी बेलारूस ने दावा किया कि ड्रोन भटक गए क्योंकि उन्हें जाम किया गया था। लेकिन यूरोपीय नेताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि ये ड्रोन उल्लंघन रूस की जानबूझकर की गई कार्रवाई है।
