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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नीस के ऐतिहासिक विला केरीलोस में शिष्‍टमंडल स्तर की वार्ता की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने फ्रांस के नीस में शिष्टमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों पक्षों के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्र में विशेष वैश्विक सामरिक भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बैरोट और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने आज वॉक एंड टॉक सत्र के दौरान भी चर्चा की।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आज नीस में भारत इनोवेट्स कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। तीन दिन के इस आयोजन में, भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप, नवप्रवर्तनकारी, अनुसंधानकर्ता और वैश्विक निवेशकों ने एक साथ मंच साक्षा किया।

इनमें 120 असाधारण स्टार्टअप, 20 से ज्यादा उत्कृष्टता केंद्र और 13 महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकीय स्तंभ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें दुनिया भर के साढे तीन सौ से ज्यादा निवेशक और पूंजीपति भी शामिल हो रहे हैं।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत इनोवेट्स भारतीय प्रतिभा और यूरोपीय पूंजी के बीच एक सेतु के रूप में उभर रहा है जिससे युवा नवप्रवर्तनकारियों के लिए वैश्विक विशेषज्ञता से जुड़ने के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। भारत में स्टार्टअप क्रांति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवा यांत्रिक बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष तकनीक से लेकर हरित ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और रक्षा नवाचार संबंधी वैश्विक चुनौतियों के समाधान विकसित कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज भारत में दो लाख से अधिक स्टार्टअप हैं और भारत लोकोन्मुखी नवाचार को बढ़ावा दे रहा है।

भारत और फ्रांस के संबंधों की मजबूती का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यापार और रणनीतिक सहयोग कई देशों के बीच होता है, लेकिन कुछ ही संबंध साझा दृष्टिकोण और समान हितों से संचालित होते हैं। उन्होंने भारत-फ्रांस साझेदारी को ऐसा स्थायी संबंध बताया जो आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और भविष्य के लिए एकसमान दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि नवाचार, प्रौद्योगिकी और भारत के युवाओं की आकांक्षाएं देश के विकास को गति दे रही हैं और भविष्य को आकार दे रही हैं।

इस अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत के उभरने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज प्रश्न यह नहीं है कि भारत में नवाचार हो रहा है या नहीं, बल्कि प्रश्न यह है कि भारत के साथ मिलकर कौन नवाचार करे। उन्होंने भारत में बड़ी संख्या में इंजीनियरों की मौजूदगी की प्रशंसा की और चंद्रयान मिशन सहित भारत की अन्य असाधारण तकनीकी उपलब्धियों की प्रशंसा की। राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत इनोवेट्स भारत के नवाचार तंत्र और फ्रांस के प्रौद्योगिकीय विस्तार के बीच एक सेतु का काम कर रहा है। उन्होंने भारत के बाहर इस विशेष पहल की मेजबानी को फ्रांस के लिए सम्मान का विषय बताया। इस वर्ष के शुरु में, मुंबई में भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की शुरुआत की प्रशंसा करते हुए श्री मैक्रों ने कहा कि भारत के प्रमुख स्टार्टअप और नवप्रवर्तनकारियों को सामने लाने के लिए एक भागीदार देश के रूप में चुने जाने पर फ्रांस को गर्व है।

उन्होंने सबसे लंबे समय तक भारत का प्रधानमंत्री रहने के लिए भी श्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी।

इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्यम जयशंकर, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद और इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति सहित कई प्रमुख व्यापारिक हस्तियां उपस्थित थीं।

श्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक और तकनीकी परिवर्तन के दौर में भारत एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, देश में अब तक दो लाख 30 हजार से अधिक स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं। श्री गोयल ने कहा कि इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले 120 नवप्रवर्तक, भारत की क्षमताओं का एक छोटा सा हिस्सा ही हैं। उन्होंने फ्रांसीसी व्यवसायियों को घरेलू और वैश्विक बाजारों के लिए भारत में निवेश, डिजाइन, नवाचार और विनिर्माण करके साझेदारी को मजबूत करने के लिए आमंत्रित किया।

श्री गोयल ने कहा कि भारत और फ्रांस ने अपने संबंधों को एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया है, जो नवाचार और यांत्रिक मेधा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वर्ष 2025 में एआई एक्शन सम्मेलन के सह-अध्यक्ष थे और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने इस वर्ष के सम्मेलन में भागीदारी की है।उद्घाटन के बाद, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने स्टार्टअप मालिकों, अनुसंधानकर्ताओं और निवेशकों से बात की।

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