कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में लगभग 18 हजार 6 सौ 80 करोड़ रुपये की लागत की कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं न केवल पश्चिम बंगाल राज्य बल्कि पूरे पूर्वी क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेंगी।
सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देते हुए उन्होंने लगभग 16 हजार 9 सौ 90 करोड़ रुपये की लागत से 420 किलोमीटर से अधिक की कुल लंबाई वाली कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उद्घाटन की जा रही परियोजनाओं में पश्चिम बंगाल और झारखंड में एनएच-19 और पश्चिम बंगाल में एनएच-114 के खंड शामिल हैं। इन परियोजनाओं से सड़क सुरक्षा में सुधार, यात्रा समय में कमी, भीड़भाड़ और प्रदूषण में कमी, क्षेत्रीय संपर्क में सुधार, पर्यटन को बढ़ावा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने कई नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। इनमें एनएच-116ए के 231 किलोमीटर लंबे चार-लेन के खड़गपुर-मोरग्राम आर्थिक गलियारे खंड के पांच पैकेज शामिल हैं। यह परियोजना खड़गपुर और सिलीगुड़ी के बीच आर्थिक गलियारे का हिस्सा है और पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, हुगली, पूर्वी बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों से होकर गुजरेगी। खड़गपुर-मोरग्राम के बीच सीधी कनेक्टिविटी से यात्रा की दूरी लगभग 120 किलोमीटर कम हो जाएगी और लगभग सात से आठ घंटे का समय बचेगा। यह गलियारा एनएच-16, एनएच-19, एनएच-14 और एनएच-12 सहित प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ेगा, जिससे बहु-गलियारा कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने एनएच-14 पर 5 दशमलव 6 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले दुबराजपुर बाईपास के निर्माण की आधारशिला रखी। इससे दुबराजपुर शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भीड़ कम होगी और यात्रा का समय लगभग एक घंटा कम हो जाएगा। उन्होंने एनएच-14 पर कंसाबती और शिलाबती नदियों पर अतिरिक्त चार लेन वाले प्रमुख पुलों के निर्माण की भी आधारशिला रखी।
इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री ने कई जहाजरानी और बंदरगाह संबंधी परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी। उन्होंने हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के बर्थ नंबर 2 के मशीनीकरण परियोजना का उद्घाटन किया। इससे कुशल, तेज और पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई संभव हो सकेगी। यह परियोजना माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाएगी, कुशल फुल-रेक रेल लोडिंग सिस्टम को सुगम बनाएगी, प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में सुधार करेगी, खतरनाक कार्यों में मानव जोखिम को कम करके सुरक्षा बढ़ाएगी और रोजगार सृजित करेगी। प्रधानमंत्री खिद्दरपुर डॉक्स (डॉक 1 – पश्चिम) में नवीनीकरण परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री ने राज्य में कई बंदरगाह अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में बर्थ नंबर 5 का मशीनीकरण शामिल है। अन्य परियोजनाओं में कोलकाता डॉक सिस्टम में बास्कूल सेतु का जीर्णोद्धार; खिदिरपुर डॉक-I (पूर्व) और डॉक-II (पूर्व) में जल निकासी व्यवस्था सहित यार्ड विकास; हावड़ा ब्रिज के स्तंभ से निमतला घाट तक कोलकाता नदी तट पर तटबंध संरक्षण कार्य; और कोलकाता डॉक सिस्टम में स्थित अनुबंध स्मारक परिसर के पास एक नदी क्रूज टर्मिनल और नदी पर्यटन सुविधा के लिए टर्मिनल भवन का निर्माण शामिल है।
रेलवे क्षेत्र में प्रधानमंत्री पुरुलिया-आनंद विहार टर्मिनल (दिल्ली) एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा।
प्रधानमंत्री ने अमृत स्टेशन योजना के तहत छह पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। इन स्टेशनों में कामाख्यागुड़ी, आनारा, तमलुक, हल्दिया, बराभूम और सिउड़ी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने बेल्दा और दंतोन के बीच 16 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन और कलाइकुंडा और कनिमोहुली के बीच स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली वाली दो रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं से ट्रेनों की सुरक्षा और समयबद्धता में सुधार होगा, भीड़ कम होगी और क्षेत्र में यात्रियों के लिए यात्रा सुगम होगी।
ये पहलें पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, कनेक्टिविटी बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत को नई गति प्रदान करेंगी। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इनसे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इन परियोजनाओं से लाखों लोगों का जीवन सुगम होगा और उनके लिए नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि खड़गपुर-मोरग्राम एक्सप्रेसवे के पूरा होने से विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल के रेलवे बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज देश में रेलवे के आधुनिकीकरण के लिए एक तीव्र अभियान चल रहा है और सरकार का यह संकल्प है कि पश्चिम बंगाल इस अभियान में पीछे न रहे।
श्री मोदी ने कहा कि कोलकाता और हल्दिया जैसे बंदरगाह लंबे समय से पूर्वी भारत के प्रमुख व्यापार केंद्र रहे हैं। उन्होंने कहा कि हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स में वर्तमान में मशीनीकरण का कार्य चल रहा है। श्री मोदी ने कहा कि इस पहल से माल ढुलाई में तेजी आएगी, बंदरगाह की क्षमता बढ़ेगी और व्यापार को सुगम बनाने के लिए नई सुविधाएं सृजित होंगी।
