लखनऊ: प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में फेरबदल होने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह मोहन भागवत से हुई मुलाकात ने सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री बुधवार को रात आठ बजे संघ प्रमुख से मिले राजधानी के निराला नगर स्थित संघ कार्यालय परिसर में सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे। एकांत में दोनों के बीच करीब 35 मिनट तक बातचीत हुई। हालांकि इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया जा रहा है।
संघ प्रमुख दो दिवसीय प्रवास पर राजधानी में हैं। बुधवार को उनके प्रवास का अंतिम दिन था। सीएम की भागवत से मुलाकात निहायत ही एकांत में बंद कमरे में हुई। मौजूदा समय में प्रदेश की सियासत के स्तर पर होने वाले बदलाव को देखते हुए इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। दोनों के बीच मुलाकात को भले ही शिष्टाचार बताया जा रहा है किस लेकिन योगी की बार-बार संघ प्रमुख से होने वाली मुलाकातों को लेकर अटकलों का बाजार गरम है।
सूत्रों का कहना है कि इधर बीच जिस तरह से संघ प्रमुख का फोकस यूपी को लेकर दिख रहा है और वह किसी न किसी कार्यक्रम के बहाने यूपी आ रहे हैं। उससे साफ है कि 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव का ताना-बाना बुनने में संघ परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वह जब भी यूपी के दौरे पर होते हैं, सीएम योगी की मुलाकात भी होती रही है। यूपी में अगले साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है। इस लिहाज से भी सरकार और संघ के मुखिया की मुलाकात अहम है।
बता दें कि इससे पहले सीएम और संघ प्रमुख की अयोध्या में उस वक्त मुलाकात हुई थी, जब श्रीराम मंदिर के शिखर पर 25 नवंबर को धर्मध्वजा समारोह हुआ था, लेकिन सीएम की संघ प्रमुख की मुलाकात अगले दिन 26 नवंबर को हुई थी। इस मुलाकात में दोनों के बीच करीब 90 मिनट बातचीत हुई थी। 2024 में लोकसभा चुनाव परिणाम आने के बाद भी सीएम योगी की भागवत से गोरखपुर में मुलाकात हुई थी।
