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भारत अपनी तकनीकी जरूरतों के साथ ग्लोबल साउथ की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मांग भी पूरी करेगा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

देहरादून: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वास व्‍यक्‍त किया है कि भारत न केवल अपनी तकनीकी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि ग्‍लोबल साउथ देशों की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की जरूरतों को भी पूरा करेगा। श्री प्रधान आज आईआईटी बॉम्बे में आयोजित दो दिवसीय भारत इनोवेट्स डीप-टेक प्री-समिट 2026 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि आने वाले दशक में भारत डीप-टेक क्षेत्र का नेतृत्व करेगा। उन्होंने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत इस वर्ष जून में फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदर्शित अत्याधुनिक तकनीकों की सराहना की। जो

श्री प्रधान ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी शिक्षा जगत, उद्योग, वित्त क्षेत्र और देश के युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने कहा कि भारत ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को साबित किया है और आज पूरी दुनिया भारत के साथ काम करना चाहती है।

कार्यक्रम में इसरो के पूर्व अध्यक्ष और आईआईटी बॉम्बे के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत इनोवेट्स 2026 भारत के तकनीकी भविष्य में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे ने कहा कि दो दिवसीय कार्यक्रम में 137 स्टार्टअप्स ने भाग लिया और लगभग 200 निवेशकों और 80 कॉरपोरेट कंपनियों के साथ बातचीत की गई।

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