नई दिल्ली। सूर्यपथ तिरंगा ग्लोबल रिले चल रहा है। यह भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दुनिया भर में अनूठे ढंग से उत्सव मनाने की पहल है, जिसमें तिरंगा उगते सूरज की दिशा में विश्व की यात्रा कर रहा है। सूर्यपथ तिरंगा यात्रा की शुरुआत फिजी के सुवा में रात डेढ़ बजे हुई, जहां रिले के पहले पड़ाव पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
फिजी से शुरू हुई यह प्रतीकात्मक यात्रा उगते सूरज की दिशा से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और म्यांमार पहुंची।
संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि हर मिशन और दूतावास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिससे अलग-अलग समय क्षेत्रों और महाद्वीपों में तिरंगे की एक निरंतर दृश्य यात्रा देखने को मिली।
आज सुबह आठ बजे तक यह यात्रा बांग्लादेश पहुंच गई थी। इसके बाद तिरंगा भूटान, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव पहुंचा और क्षेत्र में भारत के गौरव और एकता का संदेश दिया।
इसके बाद यात्रा पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उज्बेकिस्तान और ओमान पहुंची। सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर यह संयुक्त अरब अमीरात और फिर 10 बजकर 30 मिनट पर भारतीय समयानुसार कतर पहुंची। महज नौ घंटे में तिरंगा प्रतीकात्मक रूप से प्रशांत क्षेत्र की सुबह की पहली किरण से पश्चिम एशिया तक पहुंचा। इस दौरान 21 देशों और भारतीय मिशनों तथा दूतावासों को एक साझा राष्ट्रीय प्रतीक के माध्यम से जोड़ा गया।
विदेश मंत्रालय में अपर सचिव रणधीर जायसवाल ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत इस विशेष पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि सूर्यपथ तिरंगा अभियान दुनिया भर में भारत की स्वतंत्रता का उत्सव मनाने का एक अनूठा तरीका है। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों और दुनियाभर में लोगों के उत्साह और भागीदारी ने इस यात्रा को विशेष बना दिया है।
