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महाराष्ट्र के पालघर जिले में इमारत का एक हिस्सा ढहा; मां-बेटा समेत 12 की मौत, कई घायल

पालघर: वसई-विरार नगर निगम (वीवीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि वसई के नारंगी रोड पर स्थित चार मंजिला रमाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा रात करीब 12.05 बजे की एक चॉल पर गिर गया। मृतकों का आंकड़ा 12 तक पहुंच गया है। अग्निशमन विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के बचावकर्मियों ने मलबे से जिन लोगों को निकाला उनमें छह लोगों की मौत के बाद आंकड़ा 12 तक पहुंचा।
महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में 13 साल पुरानी एक अवैध” इमारत का एक हिस्सा ढहने से 24 वर्षीय एक महिला और उसके बच्चे समेत 12 लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि घायलों को इलाके के अलग-अलग अस्पतालों और मुंबई के बाहरी इलाके नालासोपारा में भर्ती कराया गया। अग्निशमन कर्मी और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों ने घटनास्थल पर बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।
अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा रात करीब 12.05 बजे पास की एक चॉल पर गिर गया। उन्होंने बताया कि 2012 में बनी इस इमारत में 50 फ्लैट हैं और ढहे हुए हिस्से में 12 अपार्टमेंट थे। वसई-विरार नगर निगम (वीवीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि बचावकर्मियों ने मलबे में दबे लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ गंभीर रूप से घायल हैं।
बुधवार सुबह बचाव अभियान पर एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर प्रमोद सिंह ने कहा, ‘एनडीआरएफ की दो टीमें दुर्घटनास्थल पर हैं। एक टीम मुंबई से और एक पालघर से। जैसे ही रात 12 बजे सूचना मिली, नजदीकी टीम पहुंच गई। शुरुआती खोज में चार लोगों को बाहर निकाला गया। उनमें से एक की मौत हो गई और तीन को जिंदा बचा लिया गया। एक साल के बच्चे की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। अब तक 11 लोगों को बचाया जा चुका है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कई लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। बचाव कार्य खत्म होने में समय लग सकता है। इमारत का रास्ता संकरा होने के कारण भारी मशीनें यहां नहीं लाई जा सकीं। बुधवार देर रात मृतकों का आंकड़ा बढ़ने से पहले, इस हादसे के बारे में पालघर के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि रमाबाई अपार्टमेंट का पिछला हिस्सा बगल की चॉल पर गिर गया, जिससे कई लोग उसमें फंस गए। कदम ने कहा, ‘दुर्भाग्य से हमने 24 वर्षीय आरोही ओमकार जोविल और एक वर्षीय उत्कर्षा जोविल को खो दिया है। दोनों मलबे के नीचे बेहोश पाए गए और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।’
घायलों को मुंबई से लगभग 60 किलोमीटर दूर विरार और पड़ोसी नालासोपारा के अस्पतालों में भेजा गया है। कदम ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मलबे के नीचे कोई भी फंसा न रहे। हम उन्नत उपकरणों और प्रशिक्षित बचाव कर्मियों की मदद से तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।’ वीवीएमसी के एक प्रवक्ता ने दुर्घटनास्थल पर मीडिया को बताया कि एनडीआरएफ की दो टीमें मलबा हटाने और यह पता लगाने के लिए काम कर रही हैं कि क्या कोई और व्यक्ति नीचे फंसा है। उन्होंने कहा, ‘दो विंग वाली यह इमारत अवैध है।’ एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इस हादसे ने इमारत के निवासियों की ओर से आयोजित गणेश उत्सव समारोह को भी प्रभावित किया है। अब बप्पा का कार्यक्रम कैसे किया जाएगा, पता नहीं।
भीड़ को नियंत्रित करने और चल रहे प्रयासों को सुगम बनाने के लिए घटनास्थल के चारों ओर एक अस्थायी बैरिकेड लगा दिया गया है। कदम ने बताया कि संरचनात्मक इंजीनियर इमारत के शेष हिस्सों में भी आगे के खतरे का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘हम आस-पास की इमारतों की संरचनात्मक स्थिरता और ढहने के कारणों का आकलन करने के लिए नगरपालिका अधिकारियों के साथ भी काम कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों के निवासियों को अस्थायी रूप से बाहर निकाल दिया गया है।’

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