मुख्य सचिवों के साथ पीएम मोदी का मंथन, राज्यों से विनिर्माण बढ़ाने और कारोबार को आसान बनाने की अपील

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राज्यों से देश में विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करने और सेवा क्षेत्र को और सशक्त बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत में अपार संभावनाएं हैं और देश को एक वैश्विक सेवा महाशक्ति बनाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। यह बातें प्रधानमंत्री ने यहां आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं। इस सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी’ रखा गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का फूड बास्केट बन सकता है। इसके लिए देश को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली कृषि, बागवानी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देना होगा। इससे भारत एक बड़ा खाद्य निर्यातक बन सकता है।
उन्होंने कहा कि देश इस समय नई पीढ़ी के सुधारों के दौर से गुजर रहा है। भारत ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पकड़ ली है और इसका सबसे बड़ा इंजन युवा शक्ति और जनसांख्यिकी है। सरकार का प्रयास है कि इस जनसांख्यिकी को सशक्त बनाया जाए।
उन्होंने ‘मेड इन इंडिया’ को गुणवत्ता का प्रतीक बनाने और ‘जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट’ के संकल्प को मजबूत करने की बात कही। साथ ही, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, खेल और नई तकनीक के उपयोग पर भी चर्चा होने की जानकारी दी। यह सम्मेलन केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा, शक्तिकांत दास, कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन, नीति आयोग के सदस्य, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव तथा विशेषज्ञ शामिल हुए।
यह सम्मेलन पिछले चार वर्षों से हर साल आयोजित किया जा रहा है। पहला सम्मेलन जून 2022 में धर्मशाला में हुआ था। इसके बाद जनवरी 2023, दिसंबर 2023 और दिसंबर 2024 में नई दिल्ली में आयोजन किया गया।

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