नई दिल्ली। इस्राइल-ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशियाई देशों में हवाई क्षेत्र बंद हैं और इसके चलते हजारों भारतीय फंस गए हैं। अकेले कतर में ही 8,000 से अधिक भारतीय स्वदेश लौटने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सोमवार से अबू धाबी और दुबई से चुनिंदा उड़ानें शुरू हुई हैं, जिसके बाद से भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने का शुरू कर दिया है। मंगलवार को 1,500 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित लाया गया।
भारत सरकार और प्रमुख घरेलू एयरलाइंस ने नागरिकों को वापस लाने के लिए एक आपातकालीन अभियान शुरू किया है। खाड़ी क्षेत्र में भारतीय दूतावासों ने 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है और फंसे हुए नागरिकों की आपातकालीन निकासी और सहायता पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने के लिए व्यक्तिगत कांसुलर सेवाएं निलंबित कर दी हैं। एअर इंडिया, स्पाइस जेट, इंडिगो जैसी घरेलू एयरलाइन ने खाड़ी देशों से विशेष उड़ानें शुरू की हैं। अमीरात एयरलाइन से भी भारतीयों को वापस लाया जा रहा है। मंगलवार को दुबई से एअर इंडिया की विशेष उड़ान से 149 यात्रा और चालक दल के आठ सदस्य नई दिल्ली पहुंचे। दुबई से अमीरात एयरलाइन की उड़ान से 350 भारतीय दिल्ली लाए गए। इसी तरह दुबई से मुंबई 400 यात्री, दुबई से चेन्नई 300 और दुबई से बंगलूरू भी 300 भारतीयों की सुरक्षित वापसी हुई।
पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र बंद होने से भारत के विभिन्न हवाईअड्डों पर उड़ानों को रद्द किया जाना जारी है। मंगलवार को दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, चेन्नई और कोलकाता समेत कई हवाईअड्डों से 250 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसमें दिल्ली से 80, मुंबई से 107, बंगलूरू से 42, चेन्नई से 30 और कोलकाता से 10 उड़ानें शामिल हैं।
तेल पर संकट, पर भारत पर फिलहाल असर नहीं
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति पर संकट गहरा गया है। ईरान ने सबसे व्यस्त मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिसके चलते खाड़ी देशों से कच्चे तेल और गैस की सप्लाई ठप हो गई है। भारत के कच्चे तेल और एलपीजी आयात का लगभग आधा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। हालांकि, शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत के पास पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की घरेलू मांग को छह से आठ सप्ताह तक पूरा करने के लिए पर्याप्त कच्चे तेल और ईंधन का भंडार है, जिससे पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष का फिलहाल उस पर असर नहीं पडे़गा। तेल मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी, जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बात की, ने कहा कि सरकार स्थिति पर “दैनिक और प्रति घंटा” निगरानी रख रही है और उसे विश्वास है कि वह इस संकट से निपट लेगी, जो कुछ अनुमानों के अनुसार एक सप्ताह या दस दिन तक चल सकता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण फंसे यात्रियों को राहत देने के लिए भारतीय एयरलाइनों ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विभिन्न शहरों से 12 से अधिक विशेष उड़ानें संचालित की हैं। इंडिगो, एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस और स्पाइसजेट ने ये उड़ानें संचालित की हैं। इसके अलावा, एयरलाइंस बुधवार को भी पश्चिम एशिया के लिए कुछ विशेष उड़ानें संचालित करेंगी। संकट के कारण जिन सैकड़ों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई थीं, उन्हें राहत देते हुए एअर इंडिया एक्सप्रेस ने मंगलवार को मस्कट (ओमान) के लिए अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर दीं। वहीं, इंडिगो बुधवार से मस्कट (ओमान), जेद्दा और मदीना (सऊदी अरब) के लिए उड़ानें फिर से शुरू करेगी। एअर इंडिया मंगलवार को चौड़े शरीर वाले विमानों से जेद्दा और दुबई के लिए दो विशेष राहत उड़ानें चला रही है। इसके अलावा, 4 मार्च को मुंबई से दुबई के लिए एक और विशेष उड़ान संचालित की जाएगी। मंगलवार को एअर इंडिया एक्सप्रेस ने नियमित मस्कट सेवाओं के अलावा दुबई-बंगलूरू, अबू धाबी-दिल्ली और शारजाह-मुंबई के बीच तीन विशेष उड़ानें संचालित कीं।
