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यूपीएससी के 10 चमकते चेहरे, किसी ने MBBS की तो कोई है आईआईटीयन

नई दिल्ली। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित हो चुका है। राजस्थान के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने इस परीक्षा में टॉप किया है। दूसरे स्थान पर राजेश्वरी सुवे एम हैं। तीसरे स्थान पर पंचकुला के एकांश ढुल हैं। कुल मिलाकर 958 अभ्यर्थियों को अनंतिम रूप से चुना गया है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम जारी हो चुका है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में राजस्थान के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है, जबकि तमिलनाडु की राजेश्वरी सुवे एम दूसरे और पंचकुला के एकांश ढुल तीसरे स्थान पर रहे। इस बार कुल 958 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। आइए जानते हैं इन टॉपर्स की पढ़ाई, पृष्ठभूमि और सफलता की कहानी।
राजस्थान के एक छोटे शहर से आने वाले अनुज अग्निहोत्री ने अपनी मेहनत और लगन से सिविल सेवा की तैयारी में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अनुज ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वह राजस्थान के रावतभाटा के रहने वाले हैं। अपनी स्कूली शिक्षा उन्होंने यहीं से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई करते हुए एम्स जोधपुर से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की।
डॉक्टर बनने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं की ओर रुख किया और फिलहाल DANICS (दिल्ली, अंडमान और निकोबार सिविल सेवा) में प्रोबेशनर के रूप में कार्यरत हैं।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 2 हासिल करने वाली राजेश्वरी सुवे एम तमिलनाडु के मदुरै जिले से आती हैं। उन्होंने इलैक्ट्रिकल और इलैक्ट्रॉनिक्स में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) की है। राजेश्वरी का वैकल्पिक विषय समाजशास्त्र (Sociology) था।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3 हासिल करने वाले एकांश ढुल पंचकुला के रहने वाले हैं। वह भाजपा नेता कृष्ण ढुल के बेटे हैं। उन्होंने पहले भी दो बार यूपीएससी परीक्षा पास की है, उनका लगातार तीसरी बार चयन हुआ है। 25 साल के एकांश ढुल ने एक बार फिर अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
एकांश ढुल ने अपनी स्कूली शिक्षा चंडीगढ़ के संत कबीर पब्लिक स्कूल और भवन विद्यालय से पूरी की है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से कॉमर्स की पढ़ाई की है। उन्हें डिबेटिंग और वीडियो गेमिंग का शौक है।
मुजफ्फरपुर के राघव झुनझुनवाला संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चौथी रैंक हासिल की है। उनके पिता स्वर्गवासी नवीन झुनझुनवाला माता अंजू झुनझुनवाला है। राघव की प्रारंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर के एक निजी स्कूल से पूरी हुई थी। 10वीं और 12वीं की परीक्षा अपने स्कूल में भी टॉप रह चुके है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन की।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में भोपाल के ईशान भटनागर ने देशभर में 5वीं रैंक हासिल की। ईशान वर्तमान में भारतीय राजस्व सेवा की ट्रेनिंग ले रहे हैं। ईशान ने दिल्ली के नेशनल लॉ कॉलेज विश्वविद्यालय से बीएएलएलबी कर चुके हैं। ईशान ने स्कूली शिक्षा डीपीएस भोपाल से पूरी की है। ईशान की मां विनीता भटनागर आरजीपीवी में प्रोफेसर हैं। पिता शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
जिनिया अरोड़ा ब्यूरोक्रैट्स के परिवार से आती हैं और उनके माता-पिता दोनों ही सिविल सर्वेंट हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन के साथ ही अपनी यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। यूपीएससी 2024 परीक्षा में उन्होंने 156वीं रैंक हासिल की थी। जीनिया की स्कूलिंग दिल्ली के संस्कृति स्कूल से हुई है। स्कूली शिक्षा खत्म होने के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई की। यहां से उन्होंने पॉलिटिकल साइंस एंड गवर्नमेंट, इकोनॉमिक्स के साथ बैचलर ऑफ आर्ट्स किया है।
ए. आर. राजा मोहिदीन का जन्म तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के चेंगलपट्टू में हुआ था। उनका पालन-पोषण चेन्नई में हुआ, जहां उन्होंने अपने प्रारंभिक जीवन का अधिकांश समय बिताया। उनकी मातृभाषा तमिल है। राजा मोहिदीन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बचपन से ही बहुत मजबूत थी। उन्होंने 2014 में चेन्नई के डीएवी बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल से कक्षा 10वीं उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने चेन्नई के डीएवी हायर सेकेंडरी स्कूल से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण की।
स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने तमिलनाडु के अन्नामलाई विश्वविद्यालय से संबद्ध राजाह मुथैया मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की और 2022 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उनकी चिकित्सा शिक्षा ने उन्हें 000वैज्ञानिक समझ, विश्लेषणात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रबल भावना विकसित करने में मदद की। ए. आर. राजा मोहिदीन ने यूपीएससी सीएसई 2025 में सफलता प्राप्त करने से पहले दो बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में भाग लिया। अपने तीसरे प्रयास में, उन्होंने अखिल भारतीय रैंक 7 हासिल की।

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