नई दिल्ली। राज्यसभा में विनियोग विधेयक 2026 पर चर्चा शुरू हो गई है। इस विधेयक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की सेवाओं के लिए भारत की संचित निधि से कुछ अतिरिक्त राशियों के भुगतान और विनियोजन को अधिकृत करने का प्रावधान है। लोकसभा में पिछले सप्ताह ही यह विधेयक पारित हो गया था।
चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के मद्देनजर देश में एलपीजी आपूर्ति का मुद्दा उठाया। उन्होंने नैनो यूरिया के अनिवार्य उपयोग का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि डीलर किसानों को उर्वरकों के साथ नैनो यूरिया खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
भाजपा के अरुण सिंह ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य किसानों की मदद करना, गरीबों को मुफ्त अनाज मुहैया कराना और पूर्व सैनिकों को सुविधा प्रदान करना है। उन्होंने विपक्ष पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया। श्री सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले उर्वरक संकट के बारे में सभी जानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद नीम-लेपित यूरिया और नैनो यूरिया जैसी पहल की शुरूआत की गई।
आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने सरकार से विवाहित जोड़ों को संयुक्त आयकर रिटर्न दाखिल करने की अनुमति देने का आग्रह किया, क्योंकि पति-पत्नी जिम्मेदारियों और घरेलू खर्चों को साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे परिवारों को पैसे बचाने और आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी। श्री चड्ढा ने सरकार से सशस्त्र बलों की विकलांगता पेंशन पर कर हटाने का अनुरोध किया। उन्होंने सरकार से बैंकों द्वारा अपने ग्राहकों से खातों में न्यूनतम राशि न रखने पर लिए जाने वाले शुल्क को वापस लेने का भी आग्रह किया।
सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास ने सरकार से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी के कारण पैदा हुए संकट को हल करने का आग्रह किया। उन्होंने दावा किया कि एलपीजी की कमी का असर अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ेगा।
सीपीआई के संदोष कुमार पी, एनसीपी (शरद पवार) की फौजिया खान, समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन, ऑल इंडिया अन्ना डीएमके के एम थम्बीदुरई, डीएमके के पी विल्सन और बीजू जनता दल के मुजीबुल्ला खान सहित अन्य सदस्यों ने भी चर्चा में भाग लिया।
राज्यसभा में कल विनियोग विधेयक 2026 पर चर्चा जारी रहेगी। बाद में सदन में विशेष उल्लेखों पर चर्चा हुई जहां सदस्यों ने अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। राज्यसभा की कार्रवाई कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
