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राष्‍ट्र निर्माण में जन भागीदारी की शक्ति, भारत की सबसे बडी मजबूती : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि राष्‍ट्र निर्माण में जन भागीदारी की शक्ति, भारत की सबसे बडी मजबूती है। श्री मोदी ने आज आकाशवाणी पर अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ में राष्‍ट्र को संबांधित करते हुए कहा कि यह भावना उस समय एक बार फिर दिखाई दी जब उन्‍होंने पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए नागरिकों से कुछ निश्चित उपाय अपनाने को कहा। श्री मोदी ने लोगों से स्‍वर्ण-खरीद से बचने, गैर-जरूरी विदेश यात्रा टालने और कुछ समय के लिए कार-पूलिंग की अपील की थी। उन्‍होंने किसानों से रसायन मुक्‍त कृषि अपनाने, कृषि भूमि का संरक्षण करने और प्राकृतिक उर्वरकों को अधिकतम उपयोग करने को भी कहा था। प्रधानमंत्री ने अपनी अपील का समर्थन और सहयोग करने के लिए नागरिकों का आभार व्‍यक्‍त किया। उन्‍होंने भरोसा जताया कि इस सामूहिक भावना से राष्‍ट्र को और मजबूती मिलेगी तथा वह सफलता की ओर बढेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में मानवीय रचनात्‍मकता का संरक्षण करने के बारे में भी बात की। उन्‍होंने कहा कि नालंदा विश्‍वविद्यालय ने इसे हासिल करने का समाधान खोज लिया है और अब नए अवतार के रूप में भारत का भाग्य गढ़ रहा है। श्री मोदी ने कहा कि उन्‍होंने दो वर्ष पूर्व विश्‍वविद्यालय के नये परिसर को राष्‍ट्र को समर्पित किया था। विश्‍वविद्यालय ने भारत की पुरातन शास्‍त्रार्थ परम्‍परा को पुनर्जीवित किया है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं को तैयार करने के लिए उभरती हुई प्रौद्योगिकी के बीच भारत की सांस्‍कृतिक धरोहर से जुडे रहने के एक अन्‍य कार्यक्रम का भी उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि दिल्‍ली के केंद्रीय संस्‍कृत विश्‍वविदयालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा साइंस में बी-टेक प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। श्री मोदी ने इसे आधुनिक प्रौद्योगिकी और भारत के परम्‍परागत ज्ञान के एकीकरण की दिशा में महत्‍वपूर्ण कदम बताया और विश्‍वविद्यालय को इसके लिए शुभकामनाएं दीं।

स्‍वच्‍छता पर श्री मोदी ने मध्‍यप्रदेश के राजगढ जिले में ब्‍यावरा की महिलाओं के एक समूह का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि उन्‍होंने अपने आसपास प्‍लास्टिक कचरे को साफ करना आरंभ किया और बाद में इन्‍हें प्‍लास्टिक की इको-ईंट में बदल दिया। ये ईंट आज सार्वजनिक स्‍थानों के सौंदर्यकरण में प्रयोग की जा रही हैं।

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