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विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से की बात, व्यापार और दुर्लभ खनिजों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो से बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा जैसे अहम विषयों पर वार्ता हुई है। इस बातचीत की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब एक दिन पहले ही नई दिल्ली में नियुक्त नए अमेरिकी दूत ने भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर फिर से बातचीत शुरू होने के संकेत दिए थे।
डॉ. जयशंकर ने ट्वीट में लिखा, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ अभी एक अच्छी बातचीत संपन्न हुई। व्यापार, दुर्लभ खनिजों, परमाणु सहयोग, रक्षा और ऊर्जा जैसे अहम विषयों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि हम आगे भी इन व अन्य मुद्दों पर संपर्क में रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप ने वर्ष के अंत तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जुलाई में वॉशिंगटन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर एकतरफा शुल्क लगाए जाने के बाद बातचीत ठप पड़ गई थी।
इससे पहले सोमवार को दोनों देशों के बीच तनाव को दूर कर द्विपक्षीय संबंधों को दोबारा मजबूत करने का संकेत देते हुए अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने कहा था कि वाशिंगटन के लिए भारत जितना आवश्यक कोई अन्य देश नहीं है और दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। अपने आगमन संबोधन में उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन ‘पैक्स सिलिका’ में भारत के शामिल होने के लिए निमंत्रण की भी घोषणा की थी।
गोर ने कहा था कि व्यापार समझौते पर अगली बातचीत मंगलवार को होने वाली है। उन्होंने कहा, अमेरिका और भारत केवल साझा हितों से ही नहीं जुड़े हैं बल्कि यह रिश्ता सर्वोच्च स्तरों पर आधारित है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल या उसके अगले साल भारत की यात्रा करेंगे। पदभार संभालने के कुछ ही घंटों बाद गोर द्वारा दिए गए इन बयानों को ट्रंप प्रशासन की ओर से ऐसे समय में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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