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शेख हसीना और 11 अन्य के खिलाफ जारी करें रेड कॉर्नर नोटिस’; बांग्लादेश पुलिस ने की इंटरपोल से अपील

नई दिल्ली। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब बांग्लादेश पुलिस के राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (एनसीबी) ने हसीना सहित 12 व्यक्तियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटरपोल से अपील की है। शनिवार को एक मीडिया रिपोर्ट में इंटरपोल से अपील की जानकारी दी गई।
77 वर्षीय हसीना पिछले साल 5 अगस्त से भारत में रह रही हैं। छात्रों के नेतृत्व में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद वह बांग्लादेश से भाग गई थीं। छात्रों के प्रदर्शन के बाद, शेख हसीना की आवामी लीग (एएल) की 16 साल की सरकार गिर गई थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस मुख्यालय में सहायक महानिरीक्षक (मीडिया) इनामुल हक सागर ने बताया कि एनसीबी अदालतों, सरकारी अभियोजकों या जांच एजेंसियों की अपील के आधार पर ऐसे अनुरोधों पर कार्रवाई करता है। सागर ने बताया, ‘ये आवेदन जांच के दौरान या चल रही केस कार्यवाही के माध्यम से सामने आने वाले आरोपों के संबंध में दायर किए जाते हैं।’
इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस का उपयोग प्रत्यर्पण, किसी व्यक्ति को ढूंढने और अस्थायी रूप से गिरफ्तार करने के लिए किया जाता है। इंटरपोल विदेश में रहने वाले भगोड़ों के ठिकानों पर नजर रखता है। पुष्टि होने के बाद, उस व्यक्ति से संबंधित जानकारी अधिकारियों के साथ साझा करता है, ताकि उसे उसके देश वापस लाया जा सके।
8 अगस्त को मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभाला था। जिम्मेदारी संभालने के कुछ सप्ताह बाद, बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ( ICT) ने हसीना और कई पूर्व कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों, सैन्य और नागरिक अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया। इन पर ‘मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार’ के आरोप हैं।
पिछले साल नवंबर में, ICT के मुख्य अभियोजक कार्यालय ने पुलिस मुख्यालय से कहा था कि इंटरपोल की मदद लेकर शेख हसीना और अन्य भगोड़ों की गिरफ्तारी की जाए। 21 जनवरी को, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा कि वह भारत से अपदस्थ प्रधानमंत्री हसीना को वापस लाने के अपने प्रयास जारी रखेगी। यदि आवश्यक हुआ तो अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग करेगी

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