नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों में नीट पेपर लीक मामले और छात्र विरोध प्रदर्शनों सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के विरोध के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया है। दोपहर दो बजे दूसरी बार स्थगन के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने दोबारा नारेबाजी शुरू कर दी। पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्ष से सहयोग की अपील की। हंगामा जारी रहने पर श्री सैकिया ने सदन को कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले, दोपहर 12 बजे पहली बार स्थगन के बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष ने पेपर लीक मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों से नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा करने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा तय की गई तिथि और अवधि के अनुसार दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए पहले से ही तैयार है। श्री रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को आश्वासन दिया है कि नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और तुरंत न्याय सुनिश्चित करने के लिए त्वरित अदालतें स्थापित की जाएंगी। श्री रिजिजू ने छात्रों के हित में इस मुद्दे पर चर्चा को आवश्यक बताया। उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अपील की कि वे शर्तें न लगाएं, क्योंकि ऐसी शर्तें चर्चा से बचने का प्रयास मानी जा सकती हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार राज्यों में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की सभी घटनाओं और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। श्री रिजिजू ने सभी सदस्यों से छात्रों के हित में एकजुट होने और लोकसभा में बिना किसी देरी के सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। संसदीय मंत्री की अपील के बावजूद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी और सदन के वेल में आ गए। पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने सदन के सुचारू संचालन में सहयोग करने के लिए प्रदर्शनकारी सदस्यों से बार-बार अपील की। हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले लोकसभा में सुबह अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। श्री बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान किसी भी सदस्य को किसी अन्य मुद्दे पर बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल को नियमों के अनुसार ही संचालित होना चाहिए, क्योंकि यह सदस्यों के लिए सरकार से जवाब मांगने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। श्री बिरला ने कहा कि सरकार पहले ही विपक्षी सदस्यों को आश्वासन दे चुकी है कि सरकार नीट मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। अध्यक्ष ने विपक्ष से सदन के संचालन में सहयोग करने का आग्रह किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने अपना विरोध जारी रखा। इसके बाद लोकसभा को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
उधर, राज्यसभा में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। सदन दोपहर तीन बजे तीसरी बार स्थगित होने के बाद पुनः शुरू होने पर विपक्षी दलों ने नीट मुद्दे पर फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी नीट मुद्दे पर केवल विरोध कर रही है और वह चर्चा नहीं चाहती। उपसभापति हरिवंश ने सदन चलाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामे के कारण उन्होंने सदन को कल तक के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया और विपक्ष के हंगामे के कारण सदन को दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इससे पहले राज्यसभा में पहले स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे कार्यवाही फिर से शुरू होने पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर नीट परीक्षा के पेपर लीक और छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा।
केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने विपक्ष की आलोचना करते हुए उसके आचरण को अत्यंत गैरजिम्मेदाराना बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष न तो चर्चा करना चाहता है और न ही सदन को चलने देना चाहता है। श्री नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने पहले नीट पर चर्चा की मांग की थी, और सरकार ने जवाब दिया था कि वह नीट पेपर लीक सहित सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। श्री नड्डा ने कहा कि अब कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की नई मांग रखी है।
हालांकि, विपक्ष ने विरोध और नारेबाजी जारी रखी। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले, सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सभापती सी पी राधाकृष्णन ने देश के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश और बाढ़, बिजली गिरने और भूस्खलन जैसी संबंधित आपदाओं के कारण हुई जानमाल की हानि पर दुख व्यक्त किया। इनमें असम, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरलम्, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि इन आपदाओं से संपत्ति, फसलों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है, साथ ही क्षेत्र की वनस्पति और जीव-जंतुओं पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने बताया कि संबंधित राज्य सरकारें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के सहयोग से बचाव और राहत अभियान चला रही हैं।
आपदा के दौरान मारे गए लोगों के सम्मान में सदन में मौन रखा गया।
बाद में, विपक्ष के सदस्यों ने नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर नारेबाजी शुरू कर दी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी शर्तें लगा रही है, जिससे उसकी मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करके कांग्रेस चर्चा नहीं होने देना चाहती। श्री रिजिजू ने नीट परीक्षा के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने का आग्रह किया और संसद में रचनात्मक और व्यापक चर्चा का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रश्नपत्र लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर बल दिया है। इसमें त्वरित और कठोर सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना भी शामिल है। श्री रिजिजू ने सभी दलों से शर्तें न लगाने और चर्चा होने देने की अपील की।
