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सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक की जगह पीपीआई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया

नई दिल्ली। सरकार ने थोक मूल्य सूचकांक-डब्ल्यूपीआई को धीरे-धीरे समाप्त करने और उसकी जगह एक व्यापक उत्पादक मूल्य सूचकांक-पीपीआई प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय देश के मुद्रास्फीति और मूल्य निर्धारण डेटा संरचना को आधुनिक बनाने और इसे वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बनाने के लिए लिया गया है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि डब्ल्यूपीआई के आधार वर्ष को 2011-12 से संशोधित करके 2022-23 करने की मंजूरी दे दी है। मूल्य वृद्धि संबंधी प्रावधानों में डब्ल्यूपीआई के व्यापक उपयोग को देखते हुए, संशोधित श्रृंखला जारी होने की तारीख से पांच वर्षों तक पीपीआई के साथ यह सूचकांक जारी किया जाएगा और उसके बाद इसे बंद कर दिया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि इससे उपयोगकर्ताओं को डब्ल्यूपीआई से पीपीआई में बदलने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। संशोधित थोक मूल्य सूचकांक और नया उत्पादक मूल्य सूचकांक 15 जून को जारी किया जाना है। मंत्रालय ने कहा कि डब्ल्यूपीआई की नई श्रृंखला के अंतर्गत शामिल वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़कर 957 हो गई है, जिससे आर्थिक गतिविधि का व्यापक प्रतिनिधित्व मिलता है।

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