नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) दोनों के कनेक्शन वाले परिवारों को तत्काल प्रभाव से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने का निर्देश दिया है। कल जारी एक अधिसूचना में मंत्रालय ने कहा कि पीएनजी कनेक्शन रखने वाले किसी भी व्यक्ति को घरेलू एलपीजी कनेक्शन रखने या सरकारी तेल कंपनियों या उनके अधिकृत वितरकों से एलपीजी सिलेंडर रिफिल लेने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे उपभोक्ताओं को भी अपना एलपीजी कनेक्शन तत्काल सरेंडर करना होगा। आदेश में कहा गया है कि जिन व्यक्तियों के पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें भविष्य में नया एलपीजी कनेक्शन प्राप्त करने की अनुमति भी नहीं होगी।
तेल विपणन कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे उन उपभोक्ताओं को नए एलपीजी कनेक्शन जारी न करें या रिफिल न दें जिनके पास पहले से ही पाइप वाली प्राकृतिक गैस की सुविधा है। सरकार ने कहा कि यह कदम खाना पकाने की गैस की आपूर्ति में दोहराव को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि पीएनजी नेटवर्क तक पहुंच न रखने वाले परिवारों के लिए एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध रहें। यह अधिसूचना पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति में व्यवधान के बीच आई है।
इस बीच, भारत के राजनयिक प्रयासों के बाद, ईरान ने भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी वाहक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। खाड़ी देशों से एलपीजी ले जा रहे दो एलपीजी वाहक जहाज, शिवालिक और नंदा देवी, कल सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गए। ये जहाज उन चौबीस जहाजों में शामिल थे जो क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे। जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ये जहाज अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं। इन जहाजों में लगभग 92 हजार 700 टन एलपीजी है और इनके 16 या 17 मार्च को भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है। राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में फंसे शेष 22 भारतीय ध्वज वाले जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं। इस बीच, कल अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नागरिकों से एलपीजी सिलेंडरों की जल्दबाजी में बुकिंग न करने और आवश्यकता पड़ने पर ही बुकिंग करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकारों के लिए व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं और 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में व्यावसायिक सिलेंडरों का वितरण शुरू हो चुका है।
