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सरकार बांग्लादेश और पाकिस्तान के साथ सभी सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए स्मार्ट बॉर्डर परियोजना शुरू करेगी

नई दिल्ली। सरकार स्‍मार्ट बॉर्डर परियोजना लागू करेगी तथा बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान से लगी पूरी सीमा को अभेद्य बनाएगी। गृह मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्‍ली में सीमा सुरक्षा बल के प्रतिष्‍ठापन समारोह और रुस्‍तमजी स्‍मारक व्‍याख्‍यान माला को संबोधित करते हुए कहा कि स्‍मार्ट बॉर्डर अवधारणा के अंतर्गत विभिन्न प्रौद्योगिकी के एकीकरण का कार्य प्रगति पर है। उन्‍होंने कहा कि गृह मंत्रालय जल्‍द ही ड्रोन, रडार, आधुनिक कैमरे और अन्‍य उन्‍नत प्रौद्योगिकी से लैस स्‍मार्ट बॉर्डर परियोजना लागू करेगी। यह पहल शुरू होते ही सीमा सुरक्षा बल का काम बहुत ही आसान और सशक्‍त हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि भारत को साइबर खतरों, हाइब्रिड युद्ध और ड्रोन संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए नई रणनीतियां अपनानी होंगी।

श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार ने न केवल घुसपैठ रोकने का संकल्‍प लिया है, बल्कि हर एक घुसपैठी की पहचान कर देश से निकाल बाहर करने का भी प्रण लिया है। उन्‍होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह के अस्‍वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव की अनुमति नहीं देगी। गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल को घुसपैठ के जरिए जनसांख्यिकी बदलने का षड्यंत्र रोकना होगा। त्रिपुरा, असम और पश्चिम-बंगाल की सरकारों को अब ऐसी नीतियां अपनानी होंगी जिससे अवैध घुसपैठ बंद हो। श्री अमित शाह ने कहा कि अब घुसपैठ पर दृढ़ता से अंकुश लगाने का समय आ गया है।

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार के सशक्‍त प्रयासों से नक्‍सलवाद की पांच दशक पुरानी समस्‍या का प्रभावी अंत हुआ है। उन्‍होंने कहा कि सुरक्षा नीति का उद्देश्‍य केवल समस्‍याओं को रोकना नहीं, बल्कि उन्‍हें समूल नष्‍ट करना होना चाहिए। उन्‍होंने सीमा सुरक्षा बल से घुसपैठ रोकने में ऐसा ही संकल्पित रवैया अपनाने का आग्रह किया। गृह मंत्री ने कहा कि 1965 में केवल 25 बटालियन के साथ सीमा सुरक्षा बल की शुरूआत हुई थी, लेकिन अब यह लगभग 2.70 लाख कर्मियों के साथ सीमा की सुरक्षा करने वाला विश्‍व का सबसे बड़ा बल है।

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