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सरकार विकसित भारत के निर्माण के लिए आधुनिक अवसंरचना में अभूतपूर्व निवेश कर रही है: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार विकसित भारत के निर्माण के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व निवेश कर रही है। आज दोपहर उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन करने के बाद, श्री मोदी ने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों में, बुनियादी ढांचे के बजट में छह गुना से अधिक की वृद्धि हुई है, जिसमें राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं और एक लाख किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि रेल विद्युतीकरण 2014 से पहले मात्र 20 हजार किलोमीटर था, जो अब बढ़कर 40 हजार किलोमीटर से अधिक हो गया है, और अब लगभग 100 प्रतिशत ब्रॉड-गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पहली बार कश्मीर घाटी और उत्तर-पूर्वी राज्यों की राजधानियों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जबकि पिछले एक दशक में बंदरगाह क्षमता दोगुनी से अधिक हो गई है और अंतर्देशीय जलमार्गों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक हर क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन ‘विकसित यूपी, विकसित भारत’ अभियान का एक नया अध्याय है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश अब भारत में सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले राज्यों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि इस हवाई अड्डे से आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, इटावा और फरीदाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, लघु एवं मध्यम उद्योगों और युवाओं के लिए अनेक नए अवसर लेकर आएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जेवर हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश की प्रगति और विकास का प्रतीक बनेगा।

श्री मोदी ने कहा कि हवाई अड्डे किसी भी देश की बुनियादी सुविधाएँ मात्र नहीं हैं, बल्कि ये प्रगति को पंख देते हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी के विस्तार के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पाद वैश्विक बाज़ार तक कहीं बेहतर तरीके से पहुँच सकेंगे।

इस क्षेत्र के रसद केंद्र के रूप में उभरती भूमिका की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र दो प्रमुख माल ढुलाई गलियारों का केंद्र बन रहा है, जो मालगाड़ियों के लिए बिछाई गई विशेष रेल पटरियाँ हैं। इनसे उत्तर भारत की बंगाल और गुजरात के समुद्र तटों से कनेक्टिविटी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दादरी वह रणनीतिक बिंदु है जहाँ ये दोनों गलियारे मिलते हैं। इसका अर्थ है कि यहाँ के किसान जो कुछ भी उगाते हैं और उद्योग जो कुछ भी उत्पादित करते हैं, वह अब ज़मीन और हवाई मार्ग से दुनिया के हर कोने तक तेज़ी से पहुँच सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बहुआयामी कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश को दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बना रही है।

इस अवसर पर, श्री मोदी ने 40 एकड़ में फैले रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण (एमआरओ) सुविधा केंद्र की आधारशिला भी रखी। रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण (एमआरओ) क्षेत्र के बारे में बात करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने इस क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का भी निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण कई देशों में भोजन, पेट्रोल-डीजल, गैस और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं की कमी हो रही है। उन्होंने कहा कि हर देश इस संकट से निपटने के लिए प्रयासरत है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने नागरिकों की शक्ति पर भरोसा करते हुए पूरी ताकत से इस संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत युद्धग्रस्त क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस आयात करता है, और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है कि इस संकट का बोझ आम परिवारों और किसानों पर न पड़े। उन्होंने आगे कहा कि संकट के इस दौर में भी भारत ने अपनी तीव्र विकास गति को बनाए रखा है।

वैश्विक चुनौतियों के सामने सामूहिक प्रयास और राष्ट्रीय एकता का आह्वान करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने संसद में विस्तृत भाषण दिया है और मुख्यमंत्रियों के साथ चल रहे संघर्ष से उत्पन्न संकट से निपटने के बारे में विस्तृत चर्चा की है। उन्होंने जनता से इस संकट का सामना शांत मन और धैर्य से करने की अपील की और इसे भारतीयों की सबसे बड़ी ताकत बताया। श्री मोदी ने दोहराया कि जो भारतीयों और भारत के हित में है, वही भारत सरकार की नीति और रणनीति है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल देश के एकजुट प्रयासों को मजबूती प्रदान करेंगे।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत लगभग 11 हजार 200 करोड़ रुपये के कुल निवेश से विकसित किया गया है। पूर्ण विकास होने पर इस हवाई अड्डे की प्रारंभिक यात्री संचालन क्षमता 1 करोड़ 20 लाख यात्री प्रति वर्ष होगी, जिसे बढ़ाकर 7 करोड  यात्री प्रति वर्ष तक किया जा सकेगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और अन्य नेता उपस्थित थे।

 

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