Site icon UK NEWS MIRROR

सर्वोच्च न्यायालय का केंद्र को निर्देश, वायुयान नियमों को 2 सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड पर रखने को कहा

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के अंतर्गत बनाए गए नियमों को दो सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया। यह कानून देश के नागर विमानन ढांचे को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बनाया गया है।

एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, न्‍यायालय की पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि चाहे ये नियम संसद में रखे गए हों या नहीं, उन्हें सीलबंद लिफाफे में न्‍यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि नियमों का मसौदा तैयार है और उनका अनुवाद किया जा रहा है। वकील ने कहा कि नियमों को संसद के समक्ष रखना अनिवार्य है। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

जनहित याचिका में नागर विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले एक मजबूत और स्वतंत्र नियामक की मांग की गई है। याचिका में देश में निजी एयरलाइनों के हवाई किराए और अन्य शुल्कों में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए भी नियामक दिशानिर्देशों की मांग की गई है।

इससे पहले, केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया था कि नागर विमानन मंत्रालय, याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विचार कर रहा है।

Exit mobile version