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हाथ पकड़कर बढ़े आगे..नदी में डूबे 14 युवक, तीन की मिली लाश; गांव में मचा कोहराम

आगरा: आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में बृहस्पतिवार को मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने आए गांव कुशियापुर डूगरवाला के 14 युवक गहरे पानी में डूब गए। हादसे से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद एक युवक विष्णु को बचा लिया। डेढ़ घंटे बाद पुलिस की मदद से तीन युवकों ओमपाल, मनोज और गगन के शव निकाले गए। रात तक तलाश के बाद भी बाकी 10 का पता नहीं चल सका था। इनमें 5 नाबालिग हैं।
सूचना पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा माैके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नदी के पास सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। पुलिस तैनात होती तो हादसा बच सकता था। गुस्साए लोगों ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम के नहीं पहुंचने पर जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर 2 घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए।
हादसा दोपहर 1 बजे हुआ। खेरागढ़ के गांव कुसियापुर में चामड़ माता के मंदिर के पास नवरात्र में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की गई थी। दशहरा पर मूर्ति के विसर्जन के लिए गांव के 40-50 पुरुष, महिलाएं और बच्चे उटंगन नदी के पास पहुंचे। इनमें विष्णु (20), ओमपाल (25), गगन (24), हरेश (20), अभिषेक (17), भगवती (22), ओके (16), सचिन पुत्र रामवीर (26), सचिन पुत्र ऊना (17), गजेंद्र (17) और दीपक (15) गहरे पानी में चले गए।
ग्रामीणों के मुताबिक सभी डूबने लगे। बचाव के साधन नहीं होने की वजह से वह लोग कुछ नहीं कर सके। बाद में कुछ ग्रामीणों ने हिम्मत की और पानी में कूदकर विष्णु को बाहर निकाल लिया। हालत गंभीर होने पर उसे आगरा एसएन मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी रेफर कर दिया गया।
बाकी के डूबने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। करीब डेढ़ घंटे बाद ओमपाल और गगन को पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। नदी में डूबे अन्य 10 युवकों की तलाश के लिए 6 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम पहुंची। पुलिस ने भी गोताखोरों की मदद से तलाश की लेकिन रात तक किसी का पता नहीं चल सका था। सभी के परिवारों में कोहराम मचा है।

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