2025 में दोपहिया बाजार ने पार किया दो करोड़ का आंकड़ा, रिकवरी का दौर मजबूत

नई दिल्ली: कैलेंडर वर्ष 2025 भारतीय दोपहिया उद्योग के लिए एक और मजबूत साल साबित हुआ है। खुदरा स्तर पर बिक्री ने 2 करोड़ यूनिट्स का अहम पड़ाव पार कर लिया। हालांकि वृद्धि दर उस दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सकी, जिसकी उम्मीद साल की शुरुआत में की जा रही थी। इसके बावजूद, पूरे वर्ष के लिए हाई सिंगल-डिजिट ग्रोथ का अनुमान लगाया जा रहा है। दिलचस्प बात यह रही कि फैक्ट्री से डीलरों को भेजी गई गाड़ियों यानी डिस्पैच में केवल लो सिंगल-डिजिट की बढ़त दर्ज हुई। जो यह संकेत देती है कि डीलरशिप पर स्टॉक सीमित रहा और जोर मुख्य रूप से मौजूदा इन्वेंटरी को खपाने पर था।
VAHAN पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 30 दिसंबर की सुबह तक जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच कुल दोपहिया रजिस्ट्रेशन 2.02 करोड़ यूनिट्स तक पहुंच चुके थे। चूंकि खरीद के बाद रजिस्ट्रेशन डेटा अपडेट होने में कुछ दिन लगते हैं, इसलिए अंतिम आंकड़ा इससे भी अधिक रहने की संभावना है। जनवरी से नवंबर के बीच रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर करीब 7 प्रतिशत बढ़कर 1.89 करोड़ यूनिट्स हो गए। जबकि इसी अवधि में फैक्ट्री डिस्पैच केवल 1.6 प्रतिशत बढ़कर 1.80 करोड़ यूनिट्स रहे। इसकी तुलना में 2024 में पूरे साल के दौरान 1.89 करोड़ रजिस्ट्रेशन और 1.88 करोड़ डिस्पैच दर्ज हुए थे।
साल 2025 में दोपहिया मांग को सहारा देने में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की भूमिका अहम रही। सामान्य से बेहतर मानसून, मजबूत खरीफ फसल और स्थिर ब्याज दरों ने ग्रामीण आय और खरीद क्षमता को मजबूत किया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर के अनुसार, ग्रामीण भारत असली ग्रोथ इंजन बनकर उभरा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में दोपहिया बिक्री की रफ्तार शहरी बाजार के मुकाबले लगभग दोगुनी रही। और डीलरों ने इस त्योहारी सीजन को हाल के वर्षों का सबसे बेहतर सीजन बताया।
साल की दूसरी छमाही में जीएसटी 2.0 ने मांग को नई ऊर्जा दी। पहले सभी दोपहिया वाहनों पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता था और 350cc से ऊपर की बाइक्स पर अतिरिक्त सेस भी देना पड़ता था। नए ढांचे में 350cc तक की बाइक्स और स्कूटर्स पर जीएसटी घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया। जिससे घरेलू दोपहिया पोर्टफोलियो के 90 प्रतिशत से ज्यादा मॉडल सस्ते हो गए। इससे खासकर त्योहारी सीजन के दौरान एंट्री-लेवल और कम्यूटर सेगमेंट में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। वहीं, 350cc से ऊपर की प्रीमियम बाइक्स पर जीएसटी बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया।
2025 में स्कूटर सेगमेंट दोपहिया बाजार की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा, जबकि मोटरसाइकिलों की मांग साल भर अपेक्षाकृत कमजोर रही। ज्यादातर बड़े निर्माताओं की रजिस्ट्रेशन ग्रोथ सिंगल डिजिट में ही सीमित रही। इसके उलट, टीवीएस मोटर और सुजुकी मोटरसाइकिल्स ने स्कूटर-प्रधान पोर्टफोलियो और मिड-साइज मोटरसाइकिलों के दम पर दोहरे अंक की ग्रोथ दर्ज की। रॉयल एनफील्ड भी उन चुनिंदा कंपनियों में रही, जिनके डिस्पैच और रिटेल दोनों में बढ़त देखने को मिली। और उसे 2025 में बिक्री 10 लाख यूनिट्स के करीब पहुंचने की उम्मीद है।
दोपहिया बाजार में हीरो मोटोकॉर्प और होंडा के बीच प्रतिस्पर्धा भी चर्चा में रही। 2024 में दोनों के बीच का अंतर काफी कम हो गया था। लेकिन 2025 में यह फिर बढ़कर जनवरी-नवंबर के दौरान करीब 8.51 लाख यूनिट्स हो गया। हीरो ने इस साल 125cc से ऊपर के सेगमेंट और स्कूटर्स पर ज्यादा ध्यान दिया। जबकि होंडा ने Shine 100 Deluxe और CB125 Hornet जैसे नए मॉडल्स के जरिए दबाव बढ़ाया।
रेटिंग एजेंसी ICRA का मानना है कि दोपहिया सेगमेंट के लिए ग्रोथ आउटलुक अब भी मजबूत है। वहीं, नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के रघुनंदन एन.एल. के अनुसार, ऐतिहासिक रूप से दोपहिया उद्योग के अपसाइकल कम से कम आठ साल तक चलते रहे हैं। ऐसे में FY23 से शुरू हुई मौजूदा रिकवरी के पास अभी लंबा रास्ता तय करने की क्षमता है। खासकर तब जब जीएसटी सुधार, आयकर बदलाव और ब्याज दरों में नरमी जैसे कदम मांग को सहारा देते रहेंगे।

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