नई दिल्ली: पॉलिसीधारकों को बड़ी राहत देते हुए, वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने बुधवार को सभी व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियमों को कर मुक्त करने का निर्णय लिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिषद की 56वीं बैठक के बाद घोषणा की कि संशोधित दरें 22 सितंबर, नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगी। 56वीं जीएसटी परिषद की बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया कि बीमा सेवाओं पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा। वर्तमान में इन पर 18% जीएसटी लगता है।
पॉलिसीधारकों को बड़ी राहत देते हुए, वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने बुधवार को सभी व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियमों को कर मुक्त करने का निर्णय लिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिषद की 56वीं बैठक के बाद घोषणा की कि संशोधित दरें 22 सितंबर, नवरात्रि के पहले दिन से लागू होंगी। वर्तमान में, बीमा सेवाओं पर 18% जीएसटी लगता है। इस बदलाव के साथ, सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियां- जिनमें टर्म लाइफ, यूलिप और एंडोमेंट प्लान शामिल हैं—और साथ ही उनका पुनर्बीमा भी अब शून्य जीएसटी श्रेणी में आ जाएगा। यह छूट सभी व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों, जिनमें फैमिली फ्लोटर और वरिष्ठ नागरिक योजनाएँ शामिल हैं, और उनके पुनर्बीमा पर भी लागू होगी।
जीएसटी परिषद की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने कहा कि बीमा पर जीएसटी समाप्त करने से आम आदमी के लिए यह अधिक किफायती हो जाएगा। इससे देश भर में बीमा कवरेज का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
बीमा के अलावा, परिषद ने कई आवश्यक वस्तुओं पर भी कर दरों में कटौती की है। यूएचटी दूध, पनीर और रोटी, चपाती और पराठे जैसी सभी भारतीय रोटियों पर अब कोई जीएसटी नहीं लगेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में, 33 जीवन रक्षक दवाओं पर 12% से जीएसटी शून्य कर दिया गया है, जबकि कैंसर, दुर्लभ और दीर्घकालिक बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली तीन महत्वपूर्ण दवाओं को भी कर मुक्त कर दिया गया है। नई दरें 22 सितंबर से पूरे देश में लागू होंगी।
