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258 दिन बाद दिल्ली की हवा हुई ‘बहुत खराब’, ग्रेप-2 के प्रतिबंध लागू

नई दिल्ली। लगातार बिगड़ी वायु गुणवत्ता के बीच दीवाली से एक दिन पहले रविवार को ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। शाम सात बजे दिल्ली का एयर इंडेक्स 302 पहुंच गया। हालांकि शाम चार बजे यह 296 था। पूर्वानुमान के अनुसार हाल फिलहाल इस स्थिति में सुधार के आसार भी नहीं हैं। इसी के मद्देनजर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने आपात बैठक कर एनसीआर ने ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के दूसरे चरण के 11 सूत्री प्रविधानों एवं प्रतिबंधों को लागू कर दिया है।
मालूम हो दिल्ली में इससे पहले दो फरवरी 2025 को एक्यूआइ 326 रहा था। तब से 258 दिन बाद अब रविवार को यह 300 के ऊपर पहुंचा है। ग्रेप दो की पाबंदियों में सबसे अहम यह है कि राजधानी में अब केवल वही अंतरराज्जीय बसें प्रवेश पा सकेंगी, जोकि इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस छह इंजन वाली हो। ऐसे में अन्य राज्यों से दिल्ली में आने वाले यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
एनसीआर में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों में बिजली आपूर्ति के लिए ऐसे किसी भी क्षमता के डीजल जनरेटर (डीजी) के इस्तेमाल पर रोक रहेगी, जिनमें प्रदूषण नियंत्रित करने के उपकरण नहीं लगे हैं। सीएक्यूएम ने पार्किंग शुल्क बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं ताकि सड़कों पर सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम हो सके।
एनसीआर से संबंधित राज्य सरकारों से सड़कों पर सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसें बढ़ाने और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) से मेट्रो के फेरे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएमआरसी मेट्रो के फेरे भी बढ़ाएगा। सीएक्यूएम ने लोगों से आवागमन के लिए निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की है।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) सहित एनसीआर में प्रदूषण की रोकथाम से संबंधित सभी एजेंसियों को ग्रेप-2 के नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।

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