रांची। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। इस दौरान सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच खूब गहमागहमी देखी गई। झामुमो के विधायक हेमलाल मुर्मू ने लक्ष्य के विरुद्ध किसानों से धान खरीद नहीं होने पर गुरुवार को विधानसभा में अपनी ही सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य के विरुद्ध आधा ही धान खरीदा जा सका है। वहीं, एक क्विंटल पर किसानों को 90 किलो का ही भुगतान हो रहा है। 10 किलो धान की कटौती की जा रही है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल 2,160 रुपये ही मिल पाते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का बोरा भी जाता है और आने-जाने का भाड़ा भी लगता है। ऐसे में बिचौलिए उनके घरों में ही जाकर 1900 -2000 रुपये क्विंटल धान खरीद ले रहे हैं।
खाद्य आपूर्ति मंत्री इरफान अंसारी उनके सवाल का जवाब दे रहे थे तो कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने भी सवाल करना चाहा, लेकिन मंत्री ने उनके द्वारा सवाल पूछने का विरोध किया। स्पीकर ने कहा प्रश्न पूछने का उन्हें अधिकार है। प्रदीप यादव ने भी मौके को भुनाते हुए कहा कि मंत्री जी को ज्ञान देने के लिए स्पीकर को धन्यवाद। उन्होंने कहा कि किसानों को यह भरोसा ही नहीं है कि एक बार में उन्हें पैसा मिल जाएगा।
मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि वे तीन बार विधायक रहे हैं, उन्हें इसकी जानकारी है। प्रश्न पूछने के लिए हस्ताक्षर होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि उन्होंने उपायुक्तों को सख्त निर्देश दिया है कि धान क्रय में कोई कोताही न हो। इधर, भाजपा विधायक सीपी सिंह ने इरफान अंसारी द्वारा हेमलाल मुर्मू को ‘विधायक रहे’ संबोधन करने पर सवाल उठाया। इस पर स्पीकर ने कहा कि उनका थोड़ा ग्रामर कमजोर है। इस पर सीपी सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि मदरसा में पढ़ने से ऐसा ही होगा। इरफान ने सीपी पर हर बात में उंगली करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मदरसा से पढ़कर कई लाेग डॉक्टर, आईएएस और आइपीएस भी बने हैं।
उन्होंने सदन से बाहर मीडिया से बात करते हुए सीपी सिंह को संकीर्ण मानसिकता से बाहर निकलने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि वे न तो कोई बड़े विद्वान हैं और न ही हिटलर, जो हर मुद्दे पर अपनी टांग अड़ाते हैं।
हम उनकी वरिष्ठता और अनुभव का सम्मान करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे सदन में अनर्गल बातें करें। उनका आचरण पूरी तरह से अनुचित है।
सदन में अपनी ही सरकार पर हमलावर हो गए विधायक हेमलाल

