अहमदाबाद: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सनातन धर्म के अनुयायियों को निराश करने वाली सरकार देश में दोबारा सत्ता में नहीं आएगी। स्वामीनारायण संप्रदाय के कार्यक्रम में उन्होंने मोदी सरकार के 11 वर्षों के फैसलों को सनातन मूल्यों से जोड़ा। आइए जानते हैं शाह ने और किन-किन उपलब्धियों का जिक्र किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सनातन धर्म और उसकी परंपराओं को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। गुजरात के गांधीनगर में स्वामीनारायण संप्रदाय के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो सरकार सनातन धर्म के अनुयायियों को निराश करती है, वह देश में दोबारा सत्ता में नहीं लौट सकती। उनके इस बयान को आने वाले राजनीतिक हालात और सांस्कृतिक विमर्श से जोड़कर देखा जा रहा है।
यह कार्यक्रम स्वामीनारायण संप्रदाय के पवित्र ग्रंथ ‘शिक्षापत्री’ के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। शिक्षापत्री में 212 संस्कृत श्लोक हैं, जिन्हें भगवान स्वामीनारायण ने 1826 में लिखा था। यह ग्रंथ अनुयायियों के लिए आचरण, नैतिकता, समाज और आध्यात्मिक जीवन का मार्गदर्शन करता है। अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक सनातन परंपराओं को उचित सम्मान देने वाली सरकार की प्रतीक्षा रही।
अमित शाह ने कहा कि संतों के आशीर्वाद से उन्हें पूरा भरोसा है कि जो सरकार सनातन धर्म के मूल्यों को कमजोर करेगी, वह दोबारा सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि आज देश में ऐसी सरकार है, जो सनातन धर्म के सिद्धांतों के अनुसार शासन कर रही है और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत कर रही है।
