‘पूर्व अग्निवीरों के लिए बना विशेष प्रकोष्ठ’, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद ने लोकसभा में दी जानकारी

नई दिल्ली: सरकार ने लोकसभा को बताया कि गृह मंत्रालय ने सेवानिवृत्ति अग्निवीरों के लिए एक विशेष इकाई और प्रकोष्ठ की स्थापना की है। इससे उन्हें करिअर प्रगति और पुनर्वास के लिए समन्वय में मदद मिलेगी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि तीन फरवरी तक टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल पर 11.05 करोड़ बच्चे और 3.75 करोड़ गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। प्रत्येक लाभार्थी यू-विन पोर्टल से क्यूआर कोड आधारित टीकाकरण प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में नड्डा ने कहा कि 2025 में, 8.01 करोड़ लाभार्थियों ने यू-विन पर पंजीकरण कराया और उन्हें क्यूआर कोड आधारित प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए गए। इस दौरान लाभार्थियों को रिमाइंडर एसएमएस सहित कुल 29.42 करोड़ एसएमएस भेजे गए।
केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने लोकसभा को बताया कि चालू वित्त वर्ष पीएम-सूरज पोर्टल के जरिये 1.39 लाख उद्यमियों को 1,389.61 करोड़ रुपये के ऋण दिया गया जबकि लक्ष्य एक लाख उद्यमियों को लाभ पहुंचाने का था। मंत्री ने एक लिखित उत्तर में कहा कि ये ऋण राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) ने प्रदान किए गए।
सरकार ने डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी पर एक कार्य बल का गठन किया है, जो मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्लेटफार्म पर नजर रखती है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने सीमा पार से होने वाली और अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), राज्य नारकोटिक्स रोधी कार्य बल (एएनटीएफ) और सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, बहु-एजेंसी केंद्र के तहत कार्य बल का गठन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी में सहायक प्लेटफार्म की निगरानी करना, तस्करी से संबंधित जानकारियों का एजेंसियों/एमएसी सदस्यों के बीच आदान-प्रदान करना है।भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में कोलकाता बंदरगाह की भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। कहा कि शहर के महापौर ने सार्वजनिक रूप से उस क्षेत्र (अतिक्रमित क्षेत्र) को मिनी पाकिस्तान बताया है। उनके इस बयान पर सदन में हंगामा होने लगा। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने स्वीकार किया कि कोलकाता बंदरगाह की भूमि का एक बड़ा हिस्सा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों के कब्जे में है। वह भूमि वापस लेने में बंदरगाह को कठिनाई हो रही है। टीएमसी ने उस क्षेत्र को मिनी पाकिस्तान कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और सदन में हंगामा करते हुए गलियारे में खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। अपने पूरक प्रश्न में भट्टाचार्य ने कहा कि कोलकाता बंदरगाह लगभग 4,000 एकड़ भूमि के साथ कोलकाता का सबसे बड़ा भूस्वामी है। इसकी लगभग 170 एकड़ की मुख्य भूमि पर अवैध कब्जा है।बीजद सदस्य सुलता देव ने बजट में ओडिशा की अनदेखी करने के लिए केंद्र की आलोचना की और बांग्लादेश के लिए आवंटित 60 करोड़ रुपये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, बजट में ओडिशा के लिए कुछ भी नहीं है, बल्कि राज्य पर कर्ज 18 महीनों में बढ़कर 90,000 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। देव ने कहा, आपने बजट में बांग्लादेश को 60 करोड़ रुपये दिए हैं। क्यों? बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है और आप उन्हें पैसा दे रहे हैं। आपने 60 करोड़ रुपये क्यों दिए? यह सहानुभूति क्यों? वे हमारे प्रति सहानुभूति नहीं रखते… यह हमारे कर का पैसा है। इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।
राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने पिछली राज्य सरकार के अधीन दिल्ली के स्कूलों का मुद्दा उठाया। मालीवाल ने कहा, 2020 में दिल्ली सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके एक सरकारी स्कूल बनवाया। यह चार मंजिला है। बड़ी इमारतें, बड़े-बड़े विज्ञापन, शिक्षा क्रांति के बड़े-बड़े दावे लेकिन निर्माण सामग्री इतनी घटिया थी कि छत बच्चों पर गिरने लगी। 2024 में इस स्कूल को खतरनाक घोषित कर बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 5,000 बच्चों का भविष्य खतरे में है।
राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने सरकार से ऑनलाइन गेमिंग के पूरे तंत्र को विनियमित करने की मांग की है। सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए शर्मा ने ई-स्पोर्ट्स को आधिकारिक खेल का दर्जा देने की भी मांग की, जिसे वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है। शर्मा ने कहा, मैं एक ऐसे डिजिटल क्षेत्र पर बात करना चाहता हूं जो संभावनाओं से भरा होने के साथ-साथ खतरों से भी भरपूर है। मैं इलेक्ट्रॉनिक गेमिंग की दुनिया की बात कर रहा हूं, क्योंकि हम 2047 तक एक विकसित भारत के सपने की ओर बढ़ रहे हैं। हमें ऑरेंज इकोनॉमी को पहचानना होगा। उन्होंने कहा, मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह गेम डेवलपमेंट से लेकर स्ट्रीमिंग तक पूरे इकोसिस्टम को विनियमित करे और गेम ऑडिट अनिवार्य करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये डिजिटल स्पेस हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दाखिल किए गए कुल 8.80 करोड़ आयकर रिटर्न (आईटीआर) में से लगभग 24.64 लाख रिटर्न 90 दिनों से अधिक समय से प्रोसेसिंग के लिए लंबित हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी, 2026 तक कुल 8,79,62,234 रिटर्न दाखिल किए गए थे। मंत्री ने नज (एनयूडीजीई) अभियान की सफलता का भी जिक्र किया। इसके माध्यम से पिछले 2 वर्षों में 1.11 करोड़ संशोधित रिटर्न दाखिल हुए, जिससे 6,976.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टैक्स प्राप्त हुआ। इस अभियान का कुल राजस्व प्रभाव 8,810.59 करोड़ रुपये रहा। इसके तहत जोखिम विश्लेषण के आधार पर करदाताओं को उनके रिटर्न की समीक्षा करने के लिए संदेश भेजे जाते हैं।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि नीट-यूजी के माध्यम से एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश के लिए आयुष स्नातकों के लिए केंद्रीय स्तर पर कोई विशिष्ट आरक्षण नीति नहीं है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष स्नातक, स्नातक चिकित्सा शिक्षा विनियम (जीएमईआर) के मानदंडों के अनुसार नीट परीक्षा में बैठने के पात्र हैं, लेकिन उन्हें उनकी पिछली डिग्री के आधार पर कोई विशेष वरीयता नहीं दी जाती है। ऑल इंडिया कोटा सीटों पर काउंसलिंग केंद्र सरकार की मौजूदा आरक्षण नीतियों के अनुसार होती है। हालांकि, राज्य कोटा सीटों पर प्रवेश संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की नीतियों पर निर्भर करता है। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि केरल सरकार ने राज्य कोटे के तहत एमबीबीएस कोर्स में आयुष उम्मीदवारों के लिए 11 सीटें आरक्षित की हैं।

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