नई दिल्ली। रोल्स रॉयस भारत में अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के इंजन का निर्माण स्थानीय स्तर पर करेगी। खास बात यह है कि यह परियोजना किसी भारतीय कंपनी के साथ मिलकर तैयार की जाएगी और इसमें प्रयोग की जाने वाली तकनीकी का पूरी तरह हस्तांतरण भी किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद कंपनी के सीईओ टुफान एर्गिनबिलगिक ने गुरुवार को एक रणनीतिक रोडमैप पेश किया। इस पहल के तहत रोल्स रॉयस भारत में अपने कार्यबल को दोगुना से ज्यादा करके लगभग 10,000 लोगों तक पहुंचाने और लोकल सप्लाई चेन सोर्सिंग में 10 गुना बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। सीईओ ने कहा, ‘जैसे-जैसे हम भारत के रक्षा, विमानन और ऊर्जा सेक्टर में अपनी भागीदारी बढ़ाएंगे, वैसे-वैसे हम भारत में अपने इकोसिस्टम का विस्तार करेंगे।’
सीईओ ने कहा, ‘भारत के लिए हमारी महत्वाकांक्षा देश में हमारी दशकों पुरानी उपस्थिति, हमारे बढ़ते फुटप्रिंट, हमारी गहरी इंडस्ट्री पार्टनरशिप और एडवांस टेक्नोलाजी की मजबूत नींव पर खड़ी है।’ फिलहाल 1,400 से ज्यादा रोल्स रॉयस इंजन अलग-अलग डिफेंस प्लेटफार्म पर काम कर रहे हैं।
