हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गंगा स्नान की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु मेला प्रशासन द्वारा सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श कर आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं। इसी क्रम में कुंभ क्षेत्र में स्थित गंगा घाटों के विस्तार, सुदृढ़ीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर प्राथमिकता के साथ कार्य किया जा रहा है। शनिवार को अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने क्षेत्रीय विधायक रेनू बिष्ट की उपस्थिति में स्वर्गाश्रम क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने क्षेत्र में स्थित घाटों का गहनता से जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने घाटों के चौड़ीकरण, नई सीढ़ियों के निर्माण, रेलिंग एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था, समुचित प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम तथा आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर विधायक रेनू बिष्ट ने कहा कि कुंभ मेला आस्था का सबसे बड़ा पर्व है, जिसमें आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने घाटों के नियमित रख-रखाव, स्वच्छता एवं पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए घाटों के विस्तार की आवश्यकता भी रेखांकित की। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती ने सिंचाई विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घाटों के निर्माण, मरम्मत एवं अनुरक्षण से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। इसके साथ ही संबंधित निकायों को घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित एवं प्रभावी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अपर मेलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि कुंभ मेला की तैयारियों के संबंध में जन-प्रतिनिधियों, साधु-संतों, स्थानीय निवासियों एवं अन्य हितधारकों से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन का लक्ष्य कुंभ मेला-2027 को न केवल भव्य, बल्कि पूर्णतः सुव्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी से कार्य करना होगा। इस अवसर पर नगर पंचायत जौंक के सभासदगण, अधिशासी अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने-अपने स्तर पर की जा रही तैयारियों की जानकारी दी।
