नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। कल 51 लाख 50 हजार से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में कार्रवाई के तहत कल तीन हजार चार सौ से अधिक छापे मारे गए। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कम्पनियों ने 214 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है और 55 वितरकों के लाइसेंस निलंबित कर दिये हैं।
23 मार्च से अब तक छात्रों और प्रवासी मजदूरों को पांच किलोग्राम के 12 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों बिक्री की गई है। उर्वरक संयंत्रों को कुल गैस आवंटन में 5 प्रतिशत की और वृद्धि की जा रही है।
मार्च से अब तक लगभग चार लाख पंद्रह हजार पीएनजी कनेक्शन चालू किये गये हैं। करीब चार लाख 55 हजार अतिरिक्त ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है। अब तक 26 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन वापस किए हैं।
इस बीच, पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं। भारतीय ध्वज वाले पोत जग विक्रम ने आज होर्मुज जल-डमरू-मध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया। यह पोत लगभग बीस हजार चार सौ मीट्रिक टन एलपीजी ला रहा है। पोत के 15 अप्रैल तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
समूचे क्षेत्र में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के लोगों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। 28 फरवरी से अब तक पश्चिम एशिया से लगभग 8 लाख 71 हजार भारतीय वापस आये हैं।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अब तक ईरान से आर्मेनिया और अजरबैजान होते हुए भारत की यात्रा के लिए दो हजार 225 भारतीय नागरिकों की आवाजाही में मदद की है। इनमें भारत के 981 छात्र और 662 मछुआरे शामिल हैं।
