नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 मई को संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नार्वे और इटली की छह दिन की यात्रा पर रवाना होंगे। विदेश मंत्रालय में सचिव सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि शुक्रवार को श्री मोदी संयुक्त अरब अमीरात पहुंचेंगे और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नह्यान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर, विशेषकर ऊर्जा सहयोग तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।
श्री जॉर्ज ने बताया कि यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को ही नीदरलैंड्स पहुंचेंगे। इससे पहले श्री मोदी 2017 में नीदरलैंड्स गए थे। इस यात्रा के दौरान श्री मोदी नरेश विलेम-अलेक्जेंडर और महारानी मैक्सिमा से मिलेंगे और प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ वार्ता करेंगे।
यात्रा के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी रविवार को स्वीडन के गोथेनबर्ग पहुंचेंगे। वे स्वीडन के प्रधानमंत्री अल्फ क्रिसटेर्सन के साथ वार्ता करेंगे और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के नए उपायों सहित विभिन्न मुद्दों पर विचार करेंगे। दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लियन के साथ उद्योग जगत प्रमुखों को संबोधित करेंगे।
श्री जॉर्ज ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी यात्रा के चौथे चरण में सोमवार को नार्वे पहुंचेंगे । वे तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय वार्ताओं में भाग लेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली नार्वे यात्रा होगी और साथ ही पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की भी पहली नार्वे यात्रा होगी। श्री मोदी, नरेश हेराल्ड पंचम और महारानी सोन्जा से मिलेंगे। वे नार्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों प्रधानमंत्री भारत-नार्वे व्यापार और अनुसंधान सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
श्री सिबी जॉर्ज ने बताया कि तीसरा भारत-नॉर्डिग शिखर सम्मेलन मंगलवार, 19 मई को होगा। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा नार्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री इस शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह शिखर सम्मेलन नॉर्डिक देशों के साथ भारत के कार्यनीतिक संबंधों को विस्तार देगा।
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को ही इटली पहुंचेंगे । वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो माटारेला से मिलेंगे और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। श्री मोदी खाद्य और कृषि संगठन के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे। भारत वर्ष 1945 से इस संगठन का संस्थापक सदस्य है।
